क्रिकेट में धनवर्षा

इंडियन प्रीमियर लीग अगले पांच वर्षों में भारतीय क्रिकेट बोर्ड को इतना अमीर बना देगा जो कल्पना से बाहर है। गत सोमवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने आईपीएल के टीवी तथा डिजिटल राइट्स स्टार इंडिया को 16,347.5 करोड़ (2.55 बिलियन डॉलर) में बेचे। यह भारी-भरकम आंकड़ा अगले पांच सालों के लिए है।

यानी 2018 से लेकर 2022 तक आईपीएल के सारे मैचों के प्रसारण पर स्टार इंडिया का हक। गत नौ सालों में टीवी राइट्स का मूल्य 1.6 बिलियन था, जबकि गत तीन वर्षों तक डिजिटल राइट्स की कीमत महज 303 करोड़ रुपए थी। कुल 2.55 बिलियन डॉलर का उछाल यह दिखाता है कि स्टार इंडिया और सोनी इंडिया आईपीएल के राइट्स की खरीद-फरोख्त के लिए कितने उतावले थे। बाजार के विश्लेषकों का अनुमान है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड राइट्स की बिक्री से अनुमानत: 13000 करोड़ रुपए की कमाई कर लेगा। यह भारतीय क्रिकेट के लिए सुखद खबर है।
आईपीएल से पहले देश के 20 गैर-मामूली क्रिकेट खिलाड़ी ही खासा पैसा बनाते थे। आईपीएल आने के बाद इन गैर-मामूली 20 क्रिकेट खिलाडयि़ों की कमाई और भी आसमान को छूने लगी। शेष बचे 80 क्रिकेट खिलाड़ी भी अमीरों की सूची में शामिल हो गए। जहां तक खिलाडिय़ों की सुविधाओं और कोचिंग का सवाल है, उनमें भी खूब सुधार हुआ है।

लेकिन यहां इस बात का जिक्र करना भी सही रहेगा कि यह आईपीएल से बरसते पैसे का ही प्रलोभन था कि एन. श्रीनिवासन सरीखे व्यक्ति भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हो गए, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट के दखल ने बोर्ड से बाहर किया। जब तक श्रीनिवासन क्रिकेट बोर्ड में रहे, वे अपने साथ चाटुकारों की भीड़ बनाए रखते थे। इसके लिए मनपसंद क्रिकेट एसोसिएशनों को 30 करोड़ रुपए तक की सालाना राशि बांट देते थे। मजाल है कि कोई उनसे इस हिसाब-किताब की बात करे।

कई एसोसिएशनें तो पूरा का पूरा पैसा ही डकार जाती थीं, बिनाखिलाडिय़ों को धेला दिए। अब चूंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड के पास आईपीएल की मार्फत बेतहाशा धन इकट्ठा हो रहा है, ऐसे में पुराने महारथी दोबारा बोर्ड पर काबिज होने की फिराक में हो सकते हैं। बोर्ड द्वारा हासिल समृद्धि को सहेजने का उपाय है कि लोढा समिति की सिफारिशों को लागू किया जाए।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *