सिंचाई विभाग में 126 अफसरों पर विभागीय कार्रवाई तो 32 सस्पेंड: धर्मपाल

लखनऊ

सिंचाई विभाग में पिछले छह महीनों में 126 अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई तो 32 अफसरों को सस्पेंड किया गया। पंजीकृत दागी फर्मों एवं आपराधिक छवि के ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन खत्म किया गया। यह जानकारी शुक्रवार को सिंचाई मंत्री धर्मवीर सिंह ने एक प्रेसवार्ता में दी।

श्री सिंह ने सरकार के छह महीनों में सिंचाई विभाग की उपलब्धियों का जिक्र किया तो अगली योजनाओं का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि केन-बेतवा नदी जोड़ों परियोजना का कार्य प्राथमिकता पर पूर्ण करने का फैसला लिया गया है। प्रदेश में हर खेत में पानी पहुंचाने के लिए 20 हजार करोड़ का सिंचाई फण्ड स्थापना का कार्य प्रगति में है। जल संरक्षण के लिए तालाब विकास प्राधिकरण के गठन की कार्यवाही प्रगति में है। नहर की पटरियों को गड्ढ़ा मुक्त करने के अभियान के तहत 3600 किलोमीटर सड़क को गड्ढा मुक्त किया जाएगा। जिस पर लगभग 275 करोड़ रुपये का व्यय आएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि ग्रीष्म ऋतु में जानवरों व पक्षियों के पीने के पानी के लिए नहर और नलकूप चलाकर 32 हजार 884 अदद तालाब भरे गए। रामगंगा बांध कालागढ़ में टनल टी-1 एवं टी-2 में गत वर्षो से खराब बटर फलाई वाल्व एवं सिलेण्ड्रीकल गेट की मरम्मत कराई गई एवं बांध के 350 मीटर लेविल तक पानी भरा चा चुका है।

जनपद पौड़ी में रामगंगा एवं सैंडिल बांध को पूर्णतः स्वचालित कराया गया। इस साल निर्मित व पुनःनिर्मित 117 अदद राजकीय नलकूपों को बिजली कनेक्शन से जोड़ने के लक्ष्य के विपरीत अगस्त तक 109 राजकीय नलकूपों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा गया है। 861 संपत्तियां अवैध कब्जे से मुक्त कराई गईं। इसका क्षेत्रफल 1028 हेक्टेयर है। एक सवाल के जवाब में सिंचाई मंत्री ने बताया कि विभाग में अब सभी ठेके ई-टेण्डरिंग के जरिए दिए जा रहे हैं। खराब छवि के सरकारी सेवकों की स्क्रीनिंग की कार्यवाही प्रगति में है।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *