सीएमएस में बच्चों की सुरक्षा के लिए तैनात होंगें “बाउंसर्स “

लखनऊ:

गुरूग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युम्न की हत्या के बाद लखनऊ के स्कूल अब बच्चों की सुरक्षा को लेकर कमर कसने लगे है. एक निजी स्कूल ने अब हथियारों से लैस गार्ड के साथ बाउंसर भी तैनात किया है. यह बाउंसर गेट पर आने जाने वाले हर अनजान व्यक्ति पर नजर रखेगा. वहीं स्कूल के बच्चों की सुरक्षा का जिम्मा भी उस पर होगा.वहीं ऐसा पहली बार देखने को मिला है जब राजधानी के प्रतिष्ठित सीएमएस स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बाउंसर की तैनाती की गई है. जब बच्चे क्लास में जाएंगे तो यह बाउंसर क्लासरूम के बाहर गश्‍त करते नजर आएंगे. यानि अब हर पल इन बाउंसरों की पैनी नजर स्कूल के चप्पे-चप्पे पर होगी.

City Montessori School in India

हर गेट पर 4-5 बाउंसरों की तैनाती

सीएमएस स्कूल के पीआरओ ऋषि खन्ना ने बातचीत में बताया कि लखनऊ शहर में स्कूल की 18 ब्रांच है. तकरीबन 55 हजार के करीब बच्चे और 4 हजार के करीब टीचिंग स्टाॅफ काम करता है. उन्होंने बताया कि हर स्कूल के गेट पर 4-5 बाउंसरों को तैनात किया गया है. वहीं स्कूल प्रबंधन ने ये फैसला हजारों बच्चों की सुरक्षा को लेकर लिया है. ऋषि खन्ना ने बताया कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. टीचरों को अपने टाइम पर स्कूल आने के लिए कहा गया है. स्कूल में बच्चों की निगरानी का जिम्मा गार्ड के साथ-साथ अब इन बाउंसरों पर भी होगी.

बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता: DIOS

घटना के बाद लखनऊ के DIOS डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि राजधानी लखनऊ के स्कूलों में स्टाफ, बस चालक और कंडक्टरों के पुलिस वेरिफिकेशन को अनिवार्य करने का सर्कुलर जारी किया है. ज्यादातर स्कूलों के पास वैन, बस चालक और ऑटो रिक्शा चालकों के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं होती.

वैन ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन

स्कूल प्रबंधन को आदेश दिए गए है कि वो जल्दी से जल्दी अपने स्कूलों के बस स्टाफ और वैन चालकों की सत्यापन रिपोर्ट जमा कराएं. वहीं निजी स्कूलों में बाउंसरों की तैनाती को लेकर डीआईओएस ने बताया कि ये एक अच्छी पहल है. क्योकि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी स्कूल प्रबंधन की होती है.

गौरतलब है कि गुरूग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल की घटना के बाद देश-प्रदेश के स्कूल प्रशासन सतर्क हैं और कमियों को दूर करने की बात कर रहे हैं. अब देखने वाली बात यह होगी कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर आगे कितनी सजग होती है.

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