बिग बी बर्थडे: पश्चिमी यूपी से है अमिताभ बच्चन का गहरा नाता

यूं तो चिरकाल से पश्चिम अस्त होने की दिशा मानी गई है, बहुत से सूरज पश्चिम से भी निकले हैं। हिन्दी फिल्मों में अमिताभ बच्चन के एक्टर से सदी के महानायक बनने की कहानी में वेस्ट यूपी का अहम योगदान है। आज अमिताभ बच्चन जन्मदिन पर उनके करियर के शुरुआती दौर से लेकर सुपरस्टारडम तक की यात्रा में वेस्ट यूपी के दो नाम लेना बहुत जरूरी है।

 

प्रकाश मेहरा….

बिजनौर में जन्मे स्व. प्रकाश मेहरा की फिल्म जंजीर ने अमिताभ बच्चन को स्टार बनाया। प्रकाश मेहरा ही थे, जिन्होंने एक गुस्सैल लड़के की पॉजीटिव इमेज बनाकर उसे ‘एंग्री यंग मैन का खिताब दिलाया। हेरा-फेरी, नमक हलाल जैसी फिल्मों से अमिताभ का रुतबा-ओ-रुआब देश की सीमा तोड़कर विश्वव्यापी हो गया। शराबी के डायलॉग्स और गाने तीन दशक से युवाओं की जुबान पर चढ़े हुए हैं।

सतेंद्र पाल चौधरी…

बागपत जनपद के खेकड़ा के पास बसी गांव (तत्कालीन मेरठ) की धरती से मुंबई में मेरठ की धाक जमाने वाले स्व. सतेंद्र पाल चौधरी ने अमिताभ बच्चन को लेकर कई फिल्में प्रोड्यूस की। हेरा-फेरी, नमक हलाल और शराबी में एंग्री अमिताभ से इमोशनल कराए। कहते हैं कि शराबी फिल्म में अमिताभ का किरदार मेरठ के पंजाबी परिवार के एक युवक से प्रभावित था। शराबी फिल्म का मुझे नौलखा मंगा दे रे…गाना हरियाणवी फिल्म ‘चंद्रावल के ‘मेरा चुनर मंगा दे रे ओ नणदी के बीरा.. का रीमेक है।

अकरम ‘बच्चन

अमिताभ के फैंस के मामले में भी वेस्ट यूपी आला है। यूं तो दुनिया में बच्चन के एक से बढ़कर एक दीवाने हैं, लेकिन जिनका नाम खुद अमिताभ जानते हैं उन्हें उंगलियों पर गिना जा सकता है। मुजफ्फरनगर के शाहपुर कस्बे के अकरम उर्फ बच्चन को जलसा से लेकर मन्नत तक में सीधी एंट्री है। 2005 में अमिताभ बच्चन के बीमार होने पर अकरम ने शाहपुर से अजमेर शरीफ तक पैदल यात्रा की थी। छाले पड़ने के बाद भी अकरम के कदम मुंबई में मन्नत पर ही रुके। अमिताभ बच्चन खुद अकरम को सबसे बड़े फैन मानते हैं।

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