बृहस्‍पति देव बदल रहे हैं राशि, इन राशि वालों को होगा फायदा

देवताओं के गुरु बृहस्पति को शुभ ग्रह माना जाता है। कुंडली में बृहस्पति अपनी राशि परिवर्तन से प्रत्येक राशि एवं लग्न के जातक के जीवन पर अलग-अलग तरह से असर डालता है। बृहस्‍पति मंद गति का ग्रह है और एक राशि में लगभग एक वर्ष तक निवास करता है, इसलिए यह एक राशि में लंबे समय तक स्थित रहकर मनुष्य के जीवन में परिवर्तन लाता है। एक वर्ष में बृहस्पति की चाल कभी मार्गी होती है तो कभी वक्री। 12  सितंबर 2017  को बृहस्पति तुला राशी में प्रवेश करने जा रहे हैं। तुला राशि में गोचर करते समय बृह्स्पति तीन नक्षत्रों चित्रा, स्वाति एवं  विशाखा से गोचर करेंगे जिनके स्वामी क्रमश: मंगल, राहु और बृहस्पति हैं। तुला राशि का स्वामी शुक्र है। जानिए बृहस्‍पति का तुला राशि में गोचर से क्‍या पड़ेगा प्रभाव।

  • मेष: मेष लग्न वाले जातकों के लिए बृहस्पति ग्रह नवम एवं 12 भाव का स्वामी है। 12 सितंबर 2017 को तुला राशि में प्रवेश कर बृहस्पति विवाह स्थान में प्रवेश करेगा। इससे शादी के योग बनेंगे। व्‍यवसाय के सिलसिले में विदेश यात्रा करनी पड़ सकती है। व्‍यर्थ के खर्चों में बढ़ोतरी होगी। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। 15 अक्टूबर 2017  को गुरु के तुला राशि में राहु के नक्षत्र में गोचर करने पर वाहन सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। 17 दिसंबर 2017 के बाद खर्चों में बढ़ोतरी होगी।
  • वृष: वृष लग्न वाले जातकों के लिए बृहस्पति अष्टम एवं 11 वें भाव का स्वामी है। 12 सितंबर 2017 को बृहस्पति छठे भाव में गोचर करेगा। इससे स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ेगा। नौकरी में तरक्की के योग बनेंगे। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में संघर्ष की स्‍थिति रहेगी। जीवनसाथी से सुख प्राप्त होगा और परिवार में शांति रहेगी।
  • मिथुन: मिथुन लग्न वाले जातकों के लिए गुरु सप्तम और दशम भाव का स्वामी होगा। 13  सितंबर 2017 को बृहस्पति पंचम भाव में प्रवेश करेगा।  इस दौरान संतान संबंधी सुखद समाचार मिल सकते हैं। नौकरी में तरक्‍की के योग बनेंगे। नौकरी में तरक्‍की के योग बनेंगे। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी।
  • कर्क: कर्क लग्न वाले जातकों के लिए बृहस्पति छठे और नवम भाव का स्वामी होगा। 12  सितंबर 2017  को तुला राशि में प्रवेश के बाद बृहस्पति चतुर्थ भाव से गोचर करेगा। इससे जमीन-जायदाद का लाभ हो सकता है। नौकरी में परिवर्तन के योग बनेंगे। माता के स्वास्थ्य में परेशानी संभव है। शिक्षार्थियों को लाभ मिलेगा। धार्मिक स्‍थानों की यात्रा के योग हैं।
  • सिंह:सिंह लग्न के लिए बृहस्पति पंचम तथा अष्टम भाव का स्वामी होगा। 12 सितंबर 2017 को तुला राशि मे प्रवेश के बाद बृहस्पति तीसरे भाव से गोचर करेगा। इससे भाई-बहनों में संबंधों में अनबन हो सकती है। 15  अक्टूबर 2017 से संचित धन को निवेश करने के योग बनेंगे। 17  दिसंबर 2017 से  कार्यभार में वृद्धि होगी। जीवन में संघर्ष बढ़ सकते हैं।
  • कन्या: इन राशि के जातकों के लिए गुरु चतुर्थ एवं सप्तम भाव का स्वामी होगा। जमीन-जायदाद में लाभ होगा। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। आय के नए स्रोत बनेंगे। स्‍वास्‍थ्‍य ठीक रहेगा। परिवार में शांति रहेगी। माता से धन प्राप्‍ति के योग बनेंगे।
  • तुला: स्‍वास्‍थ्य को नुकसान हो सकता है। विवाह के योग बनेंगे। कार्यक्षेत्र में बढ़ोतरी होगी। यात्राओं के योग बनेंगे। नौकरी में तरक्‍की के योग बनेंगे।
  • वृश्चिक: संचित धन में कमी आएगी। संतान पक्ष से परेशानी आएंगी। विद्यार्थियों को अधिक मेहनत करने होगी। पिता से धन प्राप्‍ति के योग बनेंगे। यात्राओं के योग बनेंगे। व्‍यर्थ के खर्चों में बढ़ोतरी होगी। पेट की बीमारी हो सकती है।
  • धनु: अचल सम्‍पत्ति के योग हैं। नौकरी में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। खर्चो में वृद्धि के योग बनेंगे। माता को स्‍वास्‍थ्‍य विकार रहेंगे। आय के क्षेत्र में परेशानियां रहेंगी। घर में सुख-शांति रहेगी। आय के नवीन स्रोत बनेंगे।
  • मकर: नौकरी या व्यवसाय के सिलसिले में यात्राओं के योग बनेंगे। लाभ के अवसर मिलेंगे। घर परिवर्तन हो सकता है। नौकरी में भी बदलाव की भी उम्‍मीद है। जीवनसाथी से अनबन रहेगी। व्‍यवसाय में परिश्रम की अधिकता रहेगी।
  • कुंभ:कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी। पिता के साथ व्‍यवसाय के योग बनेंगे। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। धन प्राप्ति के शुभ योग बनेंगे। नौकरी मे परिवर्तन के योग बनेंगे। लेकिन जल्‍दबाजी परेशानी पैदा कर सकती है। सावधानी बरतें।
  • मीन: कार्यक्षेत्र में कुछ परेशानियां रहेंगी। स्‍वास्‍थ्‍य का ध्यान रखें। कुछ विकार हो सकते हैं। बुरी संगत से दूर रहें। स्‍थान परिवर्तन के योग बनेंगे।

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