UP सरकार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नोटिस, 6 हफ्ते में मांगा जवाब

एनटीपीसी हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 33 हुई

लखनऊ।  

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने रायबरेली में एनटीपीसी के विद्युत संयंत्र में हुए हादसे को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को गुरुवार को नोटिस जारी करके छह सप्ताह में जवाब मांगा। वहीं हादसे में मरने वालों की संख्या 33 पहुंच गई है। लखनऊ और रायबरेली के अस्पतालों में भर्ती कराए गए 11 और घायलों ने गुरुवार को दम तोड़ दिया। केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आर. के. सिंह ने हादसे की जांच कराने की घोषणा की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख, घायलों को 10-10 लाख और मामूली रूप से घायलों को दो-दो लाख रुपये देने की घोषणा भी की।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने रायबरेली के ऊंचाहार में स्थित एनटीपीसी के बिजली संयंत्र का बॉयलर फटने से हुई लोगों की मौत की मीडिया रपटों का स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव के जरिये राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह के अंदर विस्तत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने इस घटना पर चिंता जाहिर करते हुए माना है कि यह जीने के अधिकार से जुड़ा मामला है और इसकी फौरन उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिये, ताकि यह पता लग सके कि क्या इसके पीछे किसी तरह की लापरवाही या गलती थी।आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिये हैं कि वह इस हादसे के प्रभावित लोगों को अविलम्ब सहायता मुहैया कराये।

मालूम हो कि ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी के 500 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र का बॉयलर कल शाम फट जाने से भारी तबाही हुई थी। इस हादसे में अब तक 33 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की टीम अब भी दुर्टनास्थल पर खोजबीन कर रही है। माना जा रहा है कि मलबे में अभी कुछ और शव दबे हो सकते हैं।

प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शमार् ने बताया कि एनटीपीसी इस हादसे में मारे गये लोगों के परिजन को 20-20 लाख रुपये, गम्भीर रूप से घायल लोगों को 10-10 लाख तथा मामूली रूप से जख्मी लोगों को दो-दो लाख रुपये दिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि टना की जांच के लिये केन्द्र ने एनटीपीसी के अधिशासी निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है, जो 30 दिन में रिपोर्ट देगी।

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