कानपुर में केमिकल से बनाई जा रही देसी शराब, निकाय चुनाव में खपाने की थी तैयारी

कानपुर।

सचेंडी पुलिस ने भौंती में बुधवार को नकली देसी शराब बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। जगतपुर रोड स्थित एक घर में हुई अचानक छापेमारी में 250 पेटी तैयार शराब बरामद की गई। छापे में दो हजार लीटर केमिकल, ब्रांडेड देसी शराब के होलोग्राम, बोतल पैक करने की मशीनें मिलीं। यहां पुलिस के हाथ महिला समेत तीन लोग लगे। नकली शराब बनाने वाला माफिया चकमा देकर भाग गया। सचेंडी पुलिस ने बुधवार देर शाम मुखबिर की सूचना पर छापा मार कर धरपकड़ की।

सचेंडी एसओ जेपी शर्मा ने बताया कि भौंती जगतपुर रोड की नई बस्ती स्थित फैक्ट्री में नकली शराब बनाने की फैक्ट्री के चलने की सूचना मिली थी। इस पर एसआई भूपेंद्र मिश्रा और पुलिस दल के साथ अचानक छापेमारी की गई। उस वक्त एक पिकप से 250 पेटी शराब भेजने की तैयारी थी। पुलिस ने पहुंचते ही पिकप कब्जे में ले लिया। घर में चल रही फैक्ट्री में छानबीन में शराब बनाने के लिए रखा दो हजार लीटर केमिकल, ब्रांडेड देसी शराब के हजारों हॉलमार्क, हजारों खाली बोतलें व पैक करने की मशीन भी मिली।
यहां से रेउना घाटमपुर निवासी जीवन, मखौली घाटमपुर निवासी कल्लू व बैरी सवाई शिवली निवासी दीपिका शुक्ला को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि फैक्ट्री संचालक भाग गया। एसओ ने बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। हाल में ही फैक्ट्री चालू करने की बात कबूली है। मुख्य आरोपी का नाम पता लगाकर उसे भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

चुनाव में सप्लाई को बनाया था नया अड्डा 
कानपुर। भौंती में पकड़ी गई फैक्ट्री के पीछे एक महत्वपूर्ण बिंदु निकाय चुनाव में शराब की बढ़ी डिमांड भी माना जा रहा है। पुलिस की छानबीन में यह बात भी सामने आई है कि चुनाव में मांग के चलते शहर की सीमा से पहले जगतपुर में हाल ही में यह फैक्ट्री लगाई गई थी। 250 बोतल शराब की सप्लाई भी दूसरे शहरों को जा रही थी। यह फैक्ट्री हाईवे से लगभग आधा किमी ही दूर है। चुनाव में मांग के चलते दो हजार लीटर शराब से ज्यादा की आपूर्ति जल्द और होनी थी। इस माल को तैयार करने के लिए ड्रमों में केमिकल मंगाया गया था। यह माल नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा और जालौन तक जाना था। पुलिस को शक है कि नकली शराब माफिया का नेटवर्क कई प्रदेश तक फैला है। हाथ लगे तीनों लोग फैक्ट्री कर्मचारी हैं। संचालक के हाथ लगने पर नेटवर्क के राज खुलेंगे।अवैध फैक्ट्री से मिले केमिकल की जांच कराई जाएगी। एसओ का कहना है कि केमिकल के सैम्पल एक्सपर्ट को भेजे जाएंगे। यह शराब जानलेवा तो नहीं है, इसकी भी जांच होगी।

ठेकेदारों के लिए मिलावटखोर बने मुसीबत
शराब व्यवसाय में मिलावटखोर ठेकेदारों के लिए मुसीबत बने हैं। शहर में लाखों रुपए की नकली और मिलावटी अंग्रेजी और देसी शराब बेची जा रही है। लाइसेंसी ठेकेदार इससे परेशान हैं। इस बात की शिकायत ठेकेदारों ने आबकारी विभाग से की है। इस काम में पुलिस महकमे के भी लोग जुड़े हैं। दूसरे प्रदेश से सस्ती शराब लाकर यहां बेची जा रही है।

 

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