श्रीरामजन्मभूमि के पास पकड़े गये 8 संदिग्धों से एजेंसियां कर रही पूछताछ

लखनऊ

श्रीरामजन्मभूमि परिसर के पास महिन्द्रा जीप से घूम रहे आठ लोगों को शुक्रवार रात करीब ढाई बजे पुलिस ने पकड़ लिया। रामलला की फुलप्रूफ सिक्योरिटी में सेंध की जानकारी सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सभी संदिग्ध एक ही समुदाय के हैं। रामजन्मभूमि थाने में उनसे पूछताछ की गयी। यूपी एटीएस को भी इसकी जानकारी दी गयी। जिसके बाद शनिवार को एटीएस की टीम भी पहुंच गयी। देर रात पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया। शुक्रवार रात करीब ढाई बजे एक वाहन के गायत्री भवन बैरियर के निकट स्थित क्रासिंग फोर पर पहुंचते ही वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी सतर्क हो गये। वाहन को रोककर पूछताछ शुरू की गयी तो महिन्द्रा डीआई जीप पर सवार लोग सकपका गये। सुरक्षाकर्मियों ने तलाशी लेने के साथ ही आला अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने इनके वाहन महेन्द्रा डीआई पंजीकरण संख्या आरजे 13 सी/4094 को अपने कब्जे में ले लिया है।

 

पकड़े गए संदिग्धों में मो. शकील व मो. तौकीर पुत्रगण मो. हनीफ, तनवीर पुत्र मो. सईद पुत्र मो. अनवर, मो. रजा पुत्र अबुल रहमान, मो. इरफान पुत्र मो. मदनी के अलावा मो. मदनी एवं मो. हुसैन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वे राजस्थान के नागौर जिले के एक ही गांव के रहने वाले हैं, और मुम्बई में दूध के व्यापार से जुड़े हैं। पुलिस की तलाशी के दौरान उनके पास से कोई संदिग्ध व आपत्तिजनक वस्तु फिलहाल नहीं प्राप्त हुई है।

संदिग्ध लोगों को रामजन्मभूमि थाने में रखा गया है। सूचना पाकर एटीएस टीम के विशेषज्ञ भी लखनऊ से अयोध्या पहुंच गए हैं। संदिग्धों ने बताया कि वह रास्ता भटक कर प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस आए थे। क्षेत्राधिकारी राजकुमार साव के अनुसार पकड़े गये लोगों ने बताया है कि वे राजस्थान से आगरा, टुण्डला होते हुए पीलीभीत गए थे। फिर वहां से बहराइच के दरगाह शरीफ गए।

वहां से लौटकर उन्हें अम्बेडकर नगर के किछौछा शरीफ जाना था, लेकिन अयोध्या पहुंचकर रास्ता भटक गए और प्रतिबंधित क्षेत्र के पास वाहन लेकर पहुंच गये। बताया गया कि अयोध्या पहुंचने पर उन्होंने नयाघाट बंधा तिराहा के पास चाय पी थी। जहां से वे जीपीएस से रास्ता देखकर जा रहे थे। पुलिस उनकी ओर से बताई गई सभी सूचनाओं की तस्दीक कराने में जुटी है। एसपी सिटी अनिल कुमार सिसोदिया के अलावा खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी उनसे पूछताछ में लगे हैं।

श्रीरामजन्मभूमि थानाध्यक्ष सुनील मिश्र ने देर रात बताया कि खुफिया एजेंसियों व पुलिस की जांच प्रक्रिया के बाद पकड़े गये संदिग्धों के किसी भी आतंकी गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बावजूद श्रीरामजन्मभूमि के प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैधानिक प्रवेश के चलते धारा 151 के तहत सभी आठ आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। थानाध्यक्ष ने बताया कि उन संदिग्ध आरोपियों की ओर से इस्तेमाल की गयी जीप का भी चालान किया गया है।

एटीएस की टीम ने भी की पूछताछ

अयोध्या में रामजन्मभूमि चेकपोस्ट के पास संदेह के आधार पर पकड़े गए सभी आठ युवकों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। यूपी एटीएस की एक टीम भी उनसे पूछताछ कर चुकी है।

एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि एएसपी राजेश साहनी के नेतृत्व में अयोध्या भेजी गई टीम ने पकड़े गए युवकों से पूछताछ की। इसमें जानकारी मिली कि सभी युवक राजस्थान के एक ही गांव खलील नगर बासने के निवासी हैं। युवकों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। युवकों से सुरक्षा से संबंधित सभी जरूरी बिन्दुओं पर जानकारी ली गई।

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