कब्जे में रहा स्टेशन, हंगामा, तोड़फोड़, मारपीट

रेलवे में बहाली की मांग 

रेल मंत्री बात कराइए, और किसी की नहीं सुनेंगे 

भागलपुर :

रेलवे में चार साल से बहाली नहीं होने के कारण छात्रों का गुस्सा शुक्रवार को भागलपुर रेलवे स्टेशन पर फूट पड़ा. दोपहर साढ़े 12 बजे ही छात्रों का जत्था नारेबाजी करते हुए स्टेशन पहुंच गया और बारी-बारी से ट्रेनों को रोकते गये. छात्रों ने कुल चार ट्रेनों को रोक दिया, जिसमें जमालपुर-मालदा इंटरसिटी, जनसेवा एक्सप्रेस, साहेबगंज भागलपुर इंटरसिटी, जमालपुर डीएमयू पैसेंजर और वनांचल एक्सप्रेस शामिल है. छात्रों को रोकने पहुंचे जीआरपी इंस्पेक्टर व पुलिस जवानों को आक्रोशित छात्रों ने खदेड़ दिया. धक्का-मुक्की भी की. दिन भर रेलवे स्टेशन छात्रों के कब्जे में रहा. शाम सात बज कर पांच मिनट पर रांची जानेवाली वनाचंल एक्सप्रेस को भी छात्रों ने रोेक दिया और चालक के साथ धक्का-मुक्की की. चालक इंजन छोड़ कर भाग गये.

शाम छह बजे से छात्र पटरी से प्लेटफॉर्म पर आकर जमकर उत्पात मचाया, जिससे यात्री सहम गये. छात्रों के डर से वनांचल एक्सप्रेस के यात्रियों ने बोगी के दरवाजे और खिड़की तक बंद कर लिये. देर शाम छात्रों के प्रदर्शन में घुस आये कुछ उपद्रवियों ने पूछताछ काउंटर का शीशा तोड़ डाला. इससे यात्री डर गये और भागने लगे. 12 थानाें की पुलिस स्टेशन पहुंच गयी थी. छात्र रेलवे में वैकेंसी की मांग कर रहे थे. रात तक कोई निर्णय नहीं हो पाया था. इससे पहले छात्र तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय परिसर और पूरे शहर का भ्रमण करते हुए जुलूस की शक्ल में स्टेशन पहुंचे. एक दिन पहले गुरुवार को छात्रों ने मशाल जुलूस निकालकर रेल चक्का जाम करने की चेतावनी दी थी.

दोपहर बाद जिला पुलिस बल को भी तैनात कर दिया गया. शाम करीब छह बजे जमालपुर मालदा इंटरसिटी के यात्री वनांचल एक्सप्रेस में सवार हो गये. इससे छात्र आक्रोशित हो गये और वनांचल एक्सप्रेस में तोड़फोड़ शुरू कर दी. छात्रों ने वनांचल एक्सप्रेस के ड्राइवर से भी मारपीट की. इससे यात्रियों में अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी. छात्रों ने मालदा जमालपुर डीएमयू को आउटर पर रोक दिया. गुस्साये छात्रों को दौड़ते हुए पहुंचता देख जमालपुर डीएमयू में सवार यात्री कूद कर भागने लगे. ट्रेन के चालक को पीटने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने गेट ही नहीं खोला. मालदा जमालपुर इंटरसिटी के अधिकतर यात्री सड़क मार्ग से जमालपुर के लिए निकल गये.

रेलवे स्टेशन पर कई यात्रियों ने टिकट लौटा दिया. कई यात्रियों का टिकट नहीं लौटने पर हंगामा किया. रेलवे प्रशासन के खिलाफ खरी-खोटी सुनाये.रेल प्रशासन को इस हंगामे से प्रथम दृष्टया दो लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है. एक तो टिकट लौट गया और दूसरा घंटों ट्रेनों का इंजन स्टार्ट रहने के कारण डीजल जलता रहा. एसडीओ सुहर्ष भगत, मुख्यालय डीएसपी रमेश कुमार व जगदीशपुर के सीओ छात्रों को समझाने पहुंचे, पर वे नहीं माने. इसके बाद छात्रों की बात मोबाइल पर डीआरएम से भी करायी गयी, लेकिन वे उनकी भी सुनने को तैयार नहीं थे. सलाउद्दीन अहसन, वर्दी खां की बात भी छात्रों ने नहीं मानी. स्टेशन डायरेक्टर, स्टेशन अधीक्षक, आरपीएफ मालदा के इंस्पेक्टर ने भी बात करने की कोशिश की, लेकिन छात्र नहीं माने. वे रेल मंत्री से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बात कराने की मांग कर रहे थे.

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