बाबा गुरू घासीदास ने मानवता की दिखाई राह -रमन सिंह

विक्रम सिन्हा

रायगढ़


मुख्यमंत्री डा रमन सिंह सोमवार को सारंगढ़ के ज्ञान स्थली गुरू घासीदास पुष्पवाटिका में बाबा गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जैतखाम पर पूजन किया और साथ ही साथ ज्ञानस्थली विकसित करने के लिए 50 लाख रुपए की राशि भी दी।उन्होंने इसके लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री डा सिंह ने बाबा गुरू घासीदास की ज्ञान स्थली को नमन करते हुए कहा कि यह जागृत स्थान है और यह सौभाग्य की बात है कि आज मुझे यहां आने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि गुरू घासी

दास बाबा के उपदेश पूरी मानवता के लिए है। उन्होंने मनखे-मनखे एक समान अर्थात सभी व्यक्ति एक समान है और उनमें कोई भेदभाव नहीं है, का संदेश दिया। दुनिया में कई तरह के विभाजन एवं वर्ग है लेकिन व्यक्ति-व्यक्ति में भेद नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में छोटे, बड़े, ऊंच-नीच, जाति-पाति, अस्पृश्यता जैसे भेदभाव नहीं होना चाहिए। उनके उपदेश मानव जीवन के लिए प्रासंगिक एवं कारगर है। बाबा गुरूघासी दास ने संदेश दिया है कि सतनाम ही सार है

जो प्रत्येक प्राणी के घट-घट में समाया हुआ है। सत्य ही मानव का आभूषण है अतः सत्य को मन वचन कर्म से जीवन में उतारकर सतकर्मी एवं सतगुणी बनें। धरती पर सभी मानव बराबर हैं। अंधविश्वास, रूढिवाद, बाह्य, आडंबर, छुआछूत, ऊंच-नीच, जाति-पाति, भेदभाव, जाति प्रथा, नशापान जैसे अनैतिक कार्य को छोडना चाहिए। काम क्रोध, मोह लोभ, घृणा अहंकार जैसी बुराई को त्यागकर सत्य, अहिंसा, दया, करूणा, सहानुभूति जैसे मानवीय गुणों को अपनाना चाहिए। बाबा गुरू घासीदास दास ने कहा कि स्त्री और पुरूष समान है इनमें भेद नहीं करना चाहिए। बेटी को भी उतना सम्मान मिलना चाहिए जितना बेटों को मिलता है। उन्होंने सभी प्राणियों पर दया करने का संदेश दिया। उन्होंने समाज को दिशा देने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री डा सिंह ने कहा कि आज समाज में आत्मविश्वास आया है। आज सामाजिक, आर्थिक सभी क्षेत्रों में तरी हो रही है। उसका सबसे बड़ा कारण बाबा गुरू घासीदास का आशीर्वाद है। इस ताकत की बदौलत ही आज यह समाज तेजी के साथ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे संतों का अवतरण खास उद्देश्य के लिए होता है। समाज में नई दिशा एवं मार्गदर्शन देने का कार्य बाबा गुरू घासीदास ने किया हैं। उन्होंने चमत्कारिक कार्य किया। गांव-गांव में जाकर सत्य, अहिंसा का संदेश पहुंचाया। पंथी नृत्य के माध्यम से देश एवं दुनिया में बाबा के बताए हुए संदेशों को पंथी के हजारों नर्तक बंधु पहुंचा रहे हैं। सफेद ध्वज सादगी का प्रतीक है। यह सफेद ध्वज सबको आत्मसात करना चाहिए। यह सभी अवगुणों से दूर रहने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कौशल उन्नयन योजना जैसी योजनाएं गांव, गरीब, किसानों के लिए बनी है।

इस अवसर पर सहकारिता संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास ने सत्य मार्ग पर चलने का मार्ग दिखाया है। इस मार्ग पर चलकर ही हम अपने जीवन को खुशहाल बना सकते है। जिस समय गुरू घासीदास बाबा का जन्म हुआ उस समय समाज में भय एवं आतंक का माहौल था और समाज में विषमता व्या’त थी। उन्होंने कहा कि छोटे-बड़े में कोई भेदभाव नहीं है और जैतखाम में कोई भी व्यक्ति पूजा कर सकता है। आज गुरू घासीदास बाबा का संदेश देश-विदेश तक जा रहा है। पंथी पार्टी उनके संदेश को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।

विधायक श्रीमती केराबाई मनहर ने कहा कि ज्ञान स्थली को भव्य रूप प्रदान करने के लिए 65 लाख रु।की स्वी-ति शासन की ओर से दी गई है। जिसमें से 15 लाख सामुदायिक भवन के लिए तथा 50 लाख ज्ञान स्थली के विकास के लिए दिया गया है। क्षेत्र के विकास के लिए चाहे सड़क हो या स्कूल हो मुख्यमंत्री डा रमन सिंह ने हमेशा सहयोग किया। सतनामी विकास परिषद सारंगढ़ के अध्यक्ष शंकर लाल जांगड़े ने बाबा गुरू घासीदास के जीवन पर प्रकाश डाला।

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