इन चीजों को खाएं, नहीं घटेगा प्लेटलेट्स

बुखार होने के बाद अर्पिता को लगातार शरीर में दर्द की शिकायत हो रही थी। अर्पिता जब अपने डॉक्टर के पास गई तो उन्होंने उसे प्लेटलेट्स की जांच करवाने की सलाह दी। दरअसल प्लेटलेट्स कम होने के लक्षण भी यही होते हैं। चक्कर आना और शरीर में दर्द होना प्लेटलेट्स कम होने की निशानी है। पर, चिंता की जरूरत नहीं है, क्योंकि जरूरी डाइट की मदद से प्लेटलेट्स की इस समस्या को दूर किया जा सकता है।

प्लेटलेट्स कम होने का मतलब ?
प्लेटलेट्स छोटी रक्त कोशिकाएं होती हैं, जो खासतौर पर बोनमैरो में पाई जाती हैं। प्लेटलेट्स की कमी इस बात की निशानी है कि खून में बीमारियों से लड़ने की ताकत कम हो रही है। प्लेटलेट्स कम होने की इस स्थिति को थ्रोम्बोसाइटोपेनिया कहा जाता है। एक स्वस्थ व्यक्ति में सामान्य प्लेटलेट काउंट 150 हजार से 450 हजार प्रति माइक्रोलीटर होता है। जब यह काउंट 150 हजार प्रति माइक्रोलीटर से नीचे चला जाये तो इसे लो प्लेटलेट माना जाता है। कुछ दवाओं के सेवन, आनुवंशिक रोगों, कुछ प्रकार के कैंसर, कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट व बुखार जैसे डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया के होने पर भी ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है।

एंटीऑक्सीडेंट वाला चुकंदर
प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए सबसे पहले चुकंदर को तरह-तरह से अपने खाने में शामिल कीजिए। फिर चाहे उसकी सब्जी बनाइए या जूस पीजिए। कानपुर विश्वविद्यालय मेंअसिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. भारती दीक्षित कहती हैं कि एंटीऑक्सीट्डेंट से भरपूर चुकंदर में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए जरूरी सभी गुण होते हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को भी मजबूत बनाता है। ज्यादा लाभ पाने के  लिए दो से तीन चम्मच चुकंदर के रस को एक गिलास गाजर के रस में मिलाकर पिएं।

पपीते के पत्तों का फायदा
साल 2009 में मलेशिया के शोधकर्ताओं ने माना था कि प्लेटलेट्स बढ़ाने में पपीता ही नहीं, उसकी पत्तियां भी मददगार  हैं। डॉ. भारती कहती हैं, ‘खासतौर पर डेंगू बुखार के कारण कम हुए प्लेटलेट्स को संतुलित करने में पपीता फायदेमंद होता है। प्लेटलेट्स संतुलित रखने के लिए नियमित रूप से पपीता खाएं। पपीते के पत्तों को पानी में उबालकर उसे ग्रीन टी के रूप में पिएं। ज्यादा फायदा होगा।’

लीन मीट भी है असरदार
चर्बी और स्किन हटे हुए मीट को लीन मीट कहते हैं। इसमें प्रोटीन, जिंक, विटामिन बी12 भरपूर मात्रा में पाया जाता है। डॉ. भारती कहती हैं, ‘अगर आप मांसाहारी हैं तो लीन मीट खाएं। यह प्लेटलेट्स बढ़ाने का असरदार तरीका है।’

नियमित खाएं आंवला
आंवले को प्लेटलेट्स बढ़ाने के बेहद पुराने उपचारों में गिना जाता है। डॉ. भारती के अनुसार, ‘यह आयुर्वेदिक उपचार है। आंवले में मौजूद विटामिन-सी शरीर में प्लेटलेट्स का उत्पादन तो बढ़ाता ही है, इससे शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता भी बढ़ती है। पर हां, इसका नियमित सेवन करना बेहद जरूरी है। नियमित रूप से हर सुबह खाली पेट 3 से 4 आंवला खाएं। आंवला इस तरह से नहीं खा पा रही हैं तो दो चम्मच आंवले के जूस में शहद मिलाकर पिएं। इससे भी प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद मिलेगी।’

इन्हें भी अपनाएं

  • प्लेटलेट्स बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को पका कर खाने की जगह कच्चा ही खाएं।
  • कीवी भी प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करती है।
  • गाजर का नियमित सेवन करें।
  • इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स प्लेटलेट्स बढ़ाने में बेहद मददगार होते हैं।  नारियल पानी में यह दोनों ही तत्व प्रचुर मात्रा में होता है।
  • बकरी का दूध भी प्लेटलेट्स बढ़ाता है।

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