ठंड से बचने के इंतजाम देखने अचानक रैन बसेरे पहुंचे सीएम

और तख्त खरीदिए…जमीन पर कोई नहीं सोएगा

लखनऊ

हाड़ कंपाती सर्दी में बुधवार रात सीएम योगी आदित्यनाथ रैन बसेरों का हाल जानने पहुंच गए। जियामऊ में नगर निगम के आश्रय गृह (शेल्टर होम) में जमीन पर सोते लोगों को देख सीएम ने अफसरों से साफ कहा-कोई जमीन पर नहीं सोएगा। इंतजाम सुधारिए…। सबको बेड दीजिए…बेड शीट व कंबल की साफ सफाई का ख्याल रखिए…।
सीएम ने चकबस्त रोड स्थित रैन बसेरे का भी जायजा लिया। वहां साफ-सफाई मिली। सीएम ने कहा, हो सकता है मेरे आने की सूचना पर सफाई करवाई गई हो, लेकिन ऐसी सफाई हमेशा रहनी चाहिए। सीएम ने व्यवस्‍था और सुधारने के साथ ही रैन बसेरे में मौजूद लोगों से हालचाल लिया और उनसे पूछा, कोई दिक्कत तो नहीं…।उन्होंने वहां मौजूद अफसरों को निर्देश दिया कि किसी को कोई दिक्कत न हो। गर्म पकड़ों और कंबल का इंतजाम रखो और अलाव जलाते रहो।


सीएम योगी जिस पहले कमरे में गए, वहां गद्दों पर चादरें नहीं बिछाई थीं। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। कहा, चादर के बिना केवल गद्दों पर कैसे लोगों को सुलाया जा रहा है? चादरों की व्यवस्था की जाए।दूसरे कमरे में गद्दों पर चादरें तो थीं, लेकिन तख्त नहीं थे। लोग जमीन पर सो रहे थे। सीएम ने सवाल किया। इस पर निगम के अधिकारियों ने बताया कि तख्त कम पड़ने की वजह से लोगों को जमीन पर सुलाने की व्यवस्था की गई है। सीएम ने कहा-और तख्त खरीदकर इंतजाम सुधारिए। यहां स्थितियां कुछ बेहतर मिलीं, जिसे देखकर सीएम योगी ने कहा कि ‘जैसी सफाई आज मिली, वैसी हमेशा रहे इसका ध्यान रखा जाए।’ सीएम ने कहा कि हो सकता है, उनके आने की सूचना पर सफाई करवाई गई हो, लेकिन ऐसी सफाई हमेशा रहनी चाहिए।

कंबलों के लिए सीएम ने कहा, इनको धुलवाने का सही इंतजाम हो। एक निश्चित समय तय कर लीजिए…। तय समय तक उपयोग हो जाने वाले कंबलों को धुलवाइये। चादरों को रोज धुल कर दीजिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अचानक निरीक्षण होने से नगर निगम अधिकारियों ने आनन फानन में गरीबों को नए कंबल बांट डाले। व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए जगह जगह साफ सफाई कर डाली। साथ ही अलाव भी जला दिया।जियामऊ के नगर निगम के शेल्टर होम के निरीक्षण के दौरान मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, शीतलहरी शुरू होने से पहले ही सभी नगर आयुक्तों को शेल्टर होम व रैन बसेरों की व्यवस्था का निर्देश दिया गया था। ताकि गांव से आने वाले गरीब मजदूर शहरों की सड़क पर न सोेएं।

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