प्रवासी सांसदों को मोदी मंत्र, 21वीं सदी भारत की

प्रवासी भारतीयों का देश की विकास यात्रा में है योगदान

नई दिल्ली।  पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को प्रवासी भारतीय केंद्र में PIO संसदीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में 23 देशों के 124 सांसद और 17 मेयर के शामिल हुए।पीएम मोदी ने सम्मेलन में  कहा कि 21वीं सदी भारत की है। हमारी नजर किसी की जमीन पर नहीं है।

मोदी ने कहा कि देश की विकास यात्रा में प्रवासी भारतीयों का भी पूरा महत्व है।उन्होंने कहा आप निवेश के जरिए भी देश की सेवा कर सकते हैं।पीएम ने 2019 में होने वाले कुंभ मेले का भी जिक्र किया।यूपी सरकार इसके लिए व्यापक तैयारी कर रही हैं।अगले साल जब आप भारत आएं तो कुंभ मेले का भी दर्शन करें।हमारा विकास का मॉडल गिव ऐंड टेक पर आधारित नहीं है।भारत और आशियान देशों के संबंधों की झांकी गणतंत्र दिवस पर पूरी दुनिया देखेगी।पीएम मोदी ने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।अहिंसा और सत्याग्रह से कोई भी मुद्दा सुलझाया जा सकता है।जहां वैश्वक समाज अलग-अलग विचारधाराएं बढ़ रही है।वहां आप समावेशी संस्कृति का उदाहरण दे सकते हैं।टूरिजम को बढ़ाने के लिए भी प्रवासी भारतीय मदद कर सकते हैं।आज विदेश में बसा भारतीय खुद को देश की प्रगति का सहायक मानता है।आज अगर विश्व में FDI के लिए सर्वाधिक आकर्षक व्यवस्था भारत में है।तो इसमें प्रवासी भारतीयों का बड़ा योगदान है।

देश के विकास के लिए हमारे प्रयासों में हम प्रवासी भारतीयों को अपना पार्टनर मानते हैं ।पीएम मोदी ने कहा विश्व के साथ भारत के संबंधों के लिए भारतीय मूल के लोग ही स्थाई राजदूत हैं।भारत के विकास यात्रा में प्रवासी भारतीयों का मजबूत विश्वास है।पहले और दूसरे विश्वयुद्ध में 5 लाख से अधिक भारतीय सैनिकों ने अपनी जान गंवाई थी।तब भारत का युद्धों के साथ कोई लेना देना नहीं था।इस बात को मानना होगा कि भारत ने कितना बड़ा बलिदान दिया था।

भारतीय जहां भी गए, उसे अपना बनाया।प्रवासी भारतीयों से बोले पीएम मोदी- वेलकम टू इंडिया, वेलकम टू होम।भारतीय मूल की एक मिनी वर्ल्ड पार्लियामेंट हमारे सामने मौजूद हैं ।उन्होंने कहा कि मैंने कुछ समय पहले योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था।जिसका भरपूर समर्थन मिला था।उन्होंने कहा कि जब नेपाल में भूकंप आया, तो भारत ने कदम उठाए और मदद की।पीएम ने कहा कि जैसा पहले था, वैसे ही चलता रहेगा, कुछ बदलेगा नहीं।

इस सोच से भारत अब बहुत आगे बढ़ चुका है।भारत के लोगों की आशाएं-आकांक्षाएं इस समय उच्चतम स्तर पर हैं।व्यवस्थाओं में हो रहे संपूर्ण परिवर्तन का, एक Irreversible change का परिणाम आपको हर सेक्टर में नजर आएगा।मोदी बोले कि आपने अनुभव किया होगा कि पिछले तीन-चार वर्षों में भारत के प्रति नजरिया बदल गया है।इसका मुख्य कारण यही है कि भारत स्वयं बदल रहा है, ट्रांसफॉर्म हो रहा है।मोदी ने कहा कि राजनीति की बात करूं।तो मैं देख ही रहा हूं कि आज भारतीय मूल के लोग मॉरीशस, पुर्तगाल और आयरलैंड में प्रधानमंत्री हैं।पिछले सालों में भारत में विदेशी निवेश में काफी इजाफा हुआ है।

महात्मा गांधी 9 जनवरी को अफ्रीका से वापस लौटे थे।इसलिए इस दिन को चुना गया था।2003 से आज तक ऐसा नहीं हुआ कि जिसमें भारतीय मूल के जनप्रतिनिधियों को बुलाया हो।ये आइडिया पीएम मोदी का था।जिसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देती हूं। इस सम्मेलन में फिजी और मॉरीशस जैसे देशों के प्रतिनिधि भी हिंदी में  भाषण देंगे। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए 30 देशों को आमंत्रण भेजा गया था।यह जानकारी विदेश मंत्रालय में सचिव (वाणिज्यिक, पासपोर्ट, वीजा और प्रवासी भारतीय) डी. एम. मुले ने ट्वीट के जरिए दी है।सम्मेलन में 23 देशों के भारतीय मूल के 140 से अधिक सांसद और मेयर शामिल होंगे।

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