जालौन : डीएम और एसडीएम के खिलाफ जांच के आदेश, लालू की सिफारिश के लिए किया था फोन

जालौन डीएम और एसडीएम पर लगा गंभीर आरोप

जालौन डीएम ने फोन और सिफारिश की बात से किया इंकार

लखनऊ।

चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव की सिफारिश करने वाले जालौन के डीएम और एसडीएम अब सीएम योगी के रडार पर आ गये है। साथ ही सीएम ने दोनों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा सीएम योगी ने दिल्ली आला कमान के चीफ सेक्रेटरी से इन दोनों के रिकॉर्ड भी मांगे हैं। सीएम के आदेश के बाद झांसी के कमिश्नर अमित गुप्ता ने डीएम डॉ मन्नान अख्तर और एसडीएम भैरपाल सिंह के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। जिसके बाद पूरे महकमे में हडकंप मचा हुआ है।

यूपी के जिला जालौन के डीएम मन्नान अख्तर और एसडीएम भैरपाल पर लालू के लिए सिफारिश का आरोप लगा है।जानकारी के मुताबिक जालौन डीएम डॉ. मन्नान अख्तर ने लालू के लिए जज से सिफारिश करवाने की कोशिश की।उन्होंने जालौन के निवासी जज शिवपाल सिंह से इस मामले में जज से राहत देने के लिए फोन पर सिफारिश की थी।लेकिन जज शिवपाल सिंह ने उनकी इस सिफारिश को अनसुना कर दिया था।डीएम मन्नान अख्तर ने सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह को 23 दिसंबर, 2017 को फोन किया था।उन्होंने बताया कि आप ही लालू का केस देख रहे हैं, जरा देख लीजिएगा।कहा जा रहा है कि मन्नान अख्तर जालौन से लालू प्रसाद यादव को बचाने के लिए जज पर दबाव बना रहे थे।

वहीं सुनवाई के दौरान जज ने लालू से कोर्ट में सबके सामने सिफारिश की बात भी की थी।लेकिन इस दौरान सीबीआई जज ने किसी का नाम नहीं लिया था।डीएम के अलावा एसडीएम भैरपाल सिंह ने भी सिफारिश के लिए संपर्क साधा था।लेकिन जज ने किसी की सिफारिश या दबाव पर ध्यान न देते हुए अपना काम बखूबी किया।

2011 बैच के आइएएस अधिकारी डॉ.मन्नान अख्तर जालौन के डीएम हैं।वह इस केस में लालू प्रसाद यादव की पैरवी कर रहे थे।उनका नाम लालू की सिफारिश किये जाने के मामले में आने पर उन्होंने इस बात से इंकार किया है।उन्होंने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने किसी को भी फ़ोन नहीं किया।उनकी इस मामले में किसी से भी बात नहीं हुई।डीएम ने कहा बिहार से उनका कोई कनेक्शन भी नहीं है, वह मूल रूप से असम के रहने वाले हैं।

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