सीएम योगी बोले-गोरखपुर नहीं, सभी जिलों का विकास प्राथमिकता

गोरखपुर

गोरखनाथ मंदिर में सोमवार से लगने वाले प्रसिद्ध खिचड़ी मेले की पूर्व संध्या पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से कई मुद्दों पर खुल कर बातचीत की। योगी राज में गोरखपुर शक्ति केंद्र बन गया है। इस सवाल पर उन्होंने कहा कि गोरखपुर पहले कई बार आना होता था लेकिन अब माह में एक से दो बार ही आ पाता हूं। गोरखपुर गृह जिला है, इसलिए ऐसा लोगों को लगता है। विकास प्रदेश के सभी 75 जिलों का एक समान हो रहा है। यदि गोरखपुर को बिजली मिल रही है तो प्रदेश के सभी 75 जिलों को भी एक समान बिजली मिल रही है। पूर्ववर्ती सरकार में सिर्फ चार जिले रोशन होते थे।

अयोध्या में राममंदिर निर्माण के सवाल पर योगी ने कहा कि यह कत्तई राजनीतिक मसला नहीं है। यह करोड़ों हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा मसला है। सुप्रीमकोर्ट में केस विचाराधीन है। निर्णय शीघ्र आने की उम्मीद है। लोगों को धैर्य रखना चाहिए। विश्वास है कि राममंदिर एवं रामजन्मभूमि मसले का समग्र और उचित समाधान होगा। कर्नाटक के मसले पर योगी ने कहा कि वहां भाजपा और आरएसएस के 22 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्याएं की गईं। ईमानदार और कर्मठ अधिकारी दंडित किए जा रहे हैं। कानून-व्यवस्था बहुत खराब है। शासन अपनी शक्तियों को दुरुपयोग कर रहा है। ध्रुवीकरण की राजनीति का आरोप लगाने वाले सीएम सिद्धरामैया हिन्दुओं को आतंकवादी कह रहे हैं। कर्नाटक की जनता चुनाव में इसका जवाब जरूर देगी।

विपक्ष द्वारा कानून व्यवस्था बिगड़ने के आरोपों पर सीएम ने तीखा जवाब देते हुए कहा कि पूरा देश जानता है कि पिछले 15 वर्षों में यूपी में कानून-व्यवस्था की कैसी स्थिति थी। राजनीतिक संरक्षण में लूट खसोट और हत्याएं हो रहीं थीं। भाजपा सरकार में सौ फीसदी रपट दर्ज हो रही है। अपराधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जा रहा है। सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है जिससे अपराध घटे हैं। योगी ने खुला आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेता अब भी अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं। उन्हें जल्द बेनकाब किया जाएगा।

मदरसों के साथ भेदभाव के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जाति, मजहब, लिंग और क्षेत्र के आधार पर कोई काम नहीं किया जा रहा है। मान्यता की जांच मरदसों ही नहीं बल्कि अन्य स्कूलों में भी की जा रही है। प्रक्रिया पारदर्शी है। छात्रवृत्ति और खाद्यान्न में गड़बड़ी रोकने के लिए आधार से जोड़ा जा रहा है। सरकार मदरसों को अनुदान दे रही है, इसलिए उन्हें शैक्षणिक गुणवत्ता तो सुनिश्चित ही करनी होगी। तुष्टीकरण किसी का नहीं किया जाएगा।

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