खुद की लाठी पर भरोसा, ग्रामीण करेंगे पुलिस के साथ गश्त- अखिलेश

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिया हालचाल

प्रदेश सरकार को किया कठघरे में खड़ा

आईजी से लेकर सीओ स्तर तक पुलिस टीमों का गठन

काकोरी में डकैती के बाद समितियों का हुआ गठन

दो और मुकदमें दर्ज, पुलिस पर हेराफेरी का आरोप

लखनऊ।

काकोरी के बनियाखेड़ा में हुई डकैती को लेकर राजधानी पुलिस की हुई किरकिरी के बाद पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को जागरूक किया है। डकैतों से बचने और उन तक पहुंचने के लिए ग्राम समितियां बनाई गई है। समितियों में स्थानीय पुलिस के साथ ग्रामीण भी शामिल रहेगें। यह समितियां काकोरी इलाके में रात्रि के समय में गश्त करेंगीं। समतियां पॉलियों में ड्यूटी करेगीं। एएसपी ग्रामीण ने बताया कि डकैतों तक पहुंचने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास में जुटी है। उन्होंने बताया कि पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां भी ग्रामीणों से बातचीत कर डकैतों की हुलिया जानने की कोशिश कर रही हैं।

 

एएसपी ग्रामीण ने बताया कि डकैतों तक पहुंचने के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं।क्राइम ब्रांच, सर्विलांस सेल तक स्थानीय पुलिस की कई टीमें डकैतों की शिनाख्त के प्रयास में जुटी है।उन्होंने बताया कि काकोरी के तमाम गांवों में ग्राम समितियां बनाई गई है।इन समितियों में कुछ पुलिस कर्मी भी शामिल रहेगें।समितियां रात में इलाके में गश्त पर रहेगीं। जो कि पूरे इलाके का निरिक्षण करेगीं।समितियां शिफ्ट वाइस इलाके में गश्त पर रहेगीं। समयानुसार समितियों के सदस्य बदल जायेगें।इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और अपराधिक हल-चल होने पर समितियां सीधे थाने को सूचना देगीं।समितियों के सदस्यों के मोबाइल नंबर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी के पास रहेगें।समय-समय पर समितियों के लोगों से संपर्क करेगीं।काकोरी के तमाम गांवों में दर्जन भर से अधिक समितियों का निर्माण किया गया है।

काकोरी इलाके में हुई डकैती का खुलासा करने के लिए आईजी से लेकर सीओ स्तर तक अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया है।डकैतों की शिनाख्त के प्रयास में सर्विलांस, क्राइम ब्रांच समेत तमाम सुरक्षा एजेन्सियां भी लगी हैं।इतना ही नहीं इलाके में सिविल ड्रेस में भी पुलिस कर्मी रेकी कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि सोमवार को एक्सपर्ट पीडि़तों से बातचीत कर डकैतों के हुलिये के बारे में पूछताछ करते रहे।एक्सपर्ट स्थानीय लोगों से जानकारी हांसिल कर डकैतों का स्केच बनाने का प्रयास कर रहे हैं।वारदात देर रात होने और अंधेरा होने के चलते पीडि़त डकैतों के बारे में कुछ खास नहीं बता पा रहे हैं।जिसके चलते एक्सपर्टों को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

डकैतों तक पहुंचने के लिए राजधानी पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है।कयास लगाई जा रही है डकैतों के गैर जनपदों से तार जुड़े हुए हैं।वारदात के बार पुलिस विभाग के आलाधिकारियों ने गैर जनपदों की पुलिस से स पर्क किया था।काकोरी इलाके में पहुुंची गैर जनपदों की पुलिस ग्रामीणों से पूछताछ करती रही।सोमवार को भी हरदोई, सीतापुर समेत सीमवर्ती जनपदों की पुलिस काकोरी में डेरा जमाये रही।एसटीएफ, सर्विलांस, क्राइम ब्रांच समेत सिविल ड्रेस में पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में काकोरी इलाका छावनी में तब्दील रहा।डकैतों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास लगे मोबाइल टावर के बीडीएस को खंगाल रही है।सूत्रों की मानें तो पड़ताल के दौरान पुलिस को करीब आधा दर्जन संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले हैं, जो घटना के वक्त संबंधित मोबाइल टावर में प्रयोग किए गए थे।अब पुलिस उन मोबाइल नंबरों के बारे में पड़ताल कर रही है।

चिनहट और काकोरी इलाके में एक के बाद एक हुई डकैती की वारदातों से राजधानी पुलिस की किरकिरी हुई है।यह एक राजनैतिक मुद्दा भी बन गया है। विपक्षी दल सत्तारूढ़ सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।उधर डकैतों का सुराग तक न लगने पर एसएसपी दीपक कुमार ने सोमवार शाम अपने कै प कार्यालय में क्राइम मीटिंग की थी।इस मीटिंग में सिविल पुलिस समेत क्राइम ब्रांच, एसटीएफ, सर्विलांस के प्रभारी समेत कर्मचारी मौजूद थे।एसएसपी ने दीपक कुमार ने मीटिंग के दौरान राजधानी में बढ़ रहे ग्राफ को लेकर मातहतों को जमकर लताड़ा।मीटिंग के दौरान एसएसपी ने एएसपी ग्रामीण सीओ मलिहाबाद, थाना प्रभारी काकोरी, माल और मलिहाबाद को भी काकोरी में हुई डकैती के स बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।इसके अलावा मीटिंग के दौरान एएसपी ट्रांसगोमती नार्थ अनुराग वत्स समेत सीओ गाजीपुर और थाना प्रभारी चिनहट, विभूतिखण्ड, गोमतीनगर को भी डकैती को लेकर हर सूक्ष्म जानकारी जुटाने के आदेश दिए हैं।

बनिया खेड़ा में हुई डकैती के बाद सोमवार को पुलिस ने जगतपाल यादव की तहरीर पर धारा 395, 397 आईपीसी में मुकदमा दर्ज किया।जबकि यही के रहने वाले इन्द्रपाल की तहरीर पर धारा 394 आईपीसी के तहत एफआईआर दर्ज की।सूत्रों की मानें तो पुलिस ने दोनों पीडि़तों द्वारा दी गई तहरीर में खेल कर दिया।जगतपाल ने अपनी तहरीर पर आठ बदमाशों द्वारा घटना अंजाम दिए जाने का जिक्र किया है।पुलिस ने उसे पांच कर दिया।पूर्व प्रधान इन्द्रपाल की तहरीर में भी खिलवाड़ करके बदमाशों की संख्या में हेरफेर कर दिया।डकैती की घटना को लूट मे दर्ज किया।बनिया खेड़ा व कटौली में हुई डकैती की वारदात के दौरान जो भी डकैतों के निशाने पर आया, किसी को भी नहीं बख्शा गया।डकैतों ने आठ लोगों को गोली मार दी, जबकि दो महिलाओं को जमकर पीटा।डकैतों की गोली का शिकार हुए ग्राम प्रधान हरिशंकर यादव के बेटे अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई।अंकित, मनीष, शिवांशू और रघुनाथ और गंभीर रूप से घायल सभी को ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया, जहां सभी की हालत में सुधार है।इनके से कुछ को आज अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना डाक्टरों ने जताई है।

हर पांच मिनट में सायरन बजाते हुए पुलिस की गाडिय़ां वहां पहुंच रही थी।ग्रामीणों का आरोप है कि डकैतों द्वारा मौत के घाट उतारे गए कटौली गांव के प्रधान हरिशंकर यादव के बेटे अभिषेक यादव उर्फ कोमल के अंतिम संस्कार के बाद से ही पुलिस की चहलकदमी गांव में कम हो गई है।उधर ग्रामीणों में वारदात के बाद दहशत का माहौल व्याप्त है।ग्रामीणों का कहना है कि अब हमें अपनी सुरक्षा खुद ही करनी होगी।ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस समय रहते मौके पर पहुंचती तो शायद डकैत गिरफ्त में होते।ग्रामीणें में पुलिस को लेकर खासा नाराजगी है।

सोमवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और आप पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी पीडि़त परिवारों से मिलने बनिया खेड़ा व कटौली गांव पहुंचे।उन्होंने कटौली गांव में डकैतों की गोली से मरे प्रधान पुत्र अभिषेक उर्फ कोमल के परिवारजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।पीडि़त परिवारों को हर संभव मदद का आश्वाशन भी दिया।पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्होंने कहा कि जो काकोरी शहीदों के नाम से जानी जाती थी वह आज चंबल की तरह डकैती के रूप में जानी जा रही है जो दुखद है।इस घटना से लोगों में भय व्याप्त है सरकार को पीडि़तों की सुरक्षा व डकैतों की गोलियों से घायल हुए लोगों का इलाज सरकार कराए तथा जो नुकसान हुआ है उस की भरपाई भी सरकार करे।

उन्होंने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आए दिन व्यापारी लुटे जा रहे हैं।कुछ दिन पहले ही लखनऊ के चिनहट में बड़ी वारदात हुई थी उसके दोषियों को भी पुलिस अभी नहीं पकड़ सकी है।उन्होंने कहा कि पुलिस बहाने बाजी कर रही है।दोनों गांवों में 12 से 14 डकैतों द्वारा बड़े पैमाने पर फायरिंग कर लोगों को गोली मारी गई तथा लूटा गया है।एक बहादुर नौजवान की मौत भी हो गई है और पुलिस ने सिर्फ चार बदमाशों दारा घटना को अंजाम देने का मुकदमा लिखा है इसकी जांच होनी चाहिए।100 नंबर की पुलिस को भी कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि उसने भी सही काम नहीं किया है।एक 19 वर्ष का नौजवान डकैतों से लडऩे की हिम्मत जुटा कर उनसे भीड़ गया।पास के गांव में मौजूद पुलिस के बड़े अधिकारी बदमाशों से लडऩे की हिम्मत नहीं जुटा पाए और ना ही उन्हें घेर कर पकड़ पाए।पुलिस चाहती तो स्थानीय सडक़ों सहित आसपास जनपदों की सडक़ों पर निगरानी बढ़ाकर बदमाशों को पकड़ सकते थे।पुलिस के बड़े अधिकारी भी डकैतो को नहीं पर पकड़ सके यह बड़ा प्रश्न है।अखिलेश यादव के साथ सपा के वरिष्ठ नेता अहमद हसन, सुनील सिंह साजन, राजेंद्र चौधरी सहित स्थानी नेता शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार यादव मौजूद रहे।

 

 

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