सरकार से नहीं, नीतियों पर होता है विरोध: ओमप्रकाश राजभर

यूपी में शराब बंदी की वकालत

विधायक व सांसद निधि हो बंद

मतदाताओं को मिले पांच हजार महीना 

बेटे का सरकार के प्रति दिखा तेवर 

सकलडीहा ( चंदौली)।

भासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार से नहीं बल्कि नीतियों का विरोध होता है। एनडीए के गठबंधन में भासपा शामिल रहेगी। 2019 का चुनाव में पूरी सहभागिता निभाएंगे। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर रविवार को सकलडीहा में आयोजित अतिपिछड़ा और अतिदलित सम्मेलन को संबोधित किया। भासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर का तेवर रविवार को बदला बदला नजर आया। उन्होंने जनसभा में प्रदेश और केंद्र सरकार की योजनाओं का बखान किया। उन्होंने कहा कि यूपी में पिछड़ा आरक्षण का लाभ सभी पिछड़ी जातियों को नहीं मिल रही है।

सरकार से प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को तीन भाग पिछड़ा, अतिपिछड़ा और सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग में बांटने की मांग की गई है। इसके बाद ही नौकरी की भर्ती शुरू होने से गरीब परिवार को लाभ मिलेगा। गरीब परिवार के बच्चों के लिए प्रदेश में 14 कोचिंग सेंटर की स्थापना की मांग की गई है। इससे मेडिकल, इंजीनियर, आईएएस की निःशुल्क तैयारी कर सके। उन्होंने कहा कि पूरे पांच साल के कार्यकाल तक गरीब परिवार के राशन कार्ड बनवाने का अभियान चलता रहेगा। इससे कोई भी गरीब परिवार वंचित न हो सके। साथ ही 2022 तक सभी गरीबों को आवास भी मिल जाएगा। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बिहार की तर्ज पर यूपी में शराब बंदी की वकालत की। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार सबसे अधिक शराब से बर्बाद हो रही है। उन्होंने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने अभी राजस्व की कमी की बात कही है। हालांकि शराब बंदी की मांग लगातार जारी रहेगी।

ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सांसद और विधायक निधि बंद होनी चाहिए। इससे भ्रष्टाचार कम होगा और विकास सही मानक के अनुरूप होगा। इसके अलावा विधायक और सांसद के तनख्वाह व पेंशन भी बंद हो। उन्होंने कहा कि वह खुद पिछले दस महीने से विधायक का तनख्वाह नहीं ली है। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि प्रदेश के जनप्रतिनिधि को जब तनख्वाह मिलती है, तो वोट देने वाली जनता को भी हर महीने पांच हजार रुपए मासिक मिलनी चाहिए।ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यूपी के सभी जिले और मंडल में भासपा की रैली होगी। इसके लिए लगातार पार्टी के लोग तैयारी में जुटे हैं।

कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर का भले ही तेवर बदला दिखा, लेकिन उनके बड़े बेटे एवं पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर का सरकार के प्रति तेवर जरूर दिखा। अपने आधे घंटे के भाषण में अरविंद राजभर ने कई बार बगावत सुर लगाईं। हालांकि मीडिया कर्मियों के पूछने पर ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि मैं सरकार के खिलाफ नहीं हूं। संगठन में कुछ नीतियों पर उबाल है।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *