एसएससी पेपर लीक : छात्रों का आंदोलन लेने लगा सियासी रंग, सहमी मोदी सरकार

बीजेपी को सताने लगा सियासी नुकसान का डर

राजनाथ सिंह व मनोज तिवारी की मुलाकात नहीं रंग लाई, अभी तक नतीजा सिफर रहा

एसएससी आंदोलन को तोड़ने की साजिश को नाकाम: स्वराज इंडिया

 

नई दिल्ली। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा में धांधली को लेकर मंगलवार को भी आंदोलन जारी है। धीरे-धीरे छात्रों का आंदोलन अब सियासी रंग लेने लगा है। स्वराज इंडिया के नेताओं के बाद अब अन्ना हजारे भी इस आंदोलन से जुड़ गए हैं। इससे मोदी सरकार  की चिंता बढ़ा दी है। भाजपा को यह डर सता रहा है कि मामला यदि लंबा खींचता है तो पार्टी को युवाओं की नाराजगी झेलनी पड़ेगी। इसलिए दिल्ली के नेता आंदोलनकारी विद्यार्थियों के मनाने में जुट गए हैं।

एसएससी परीक्षा में हुई गड़बड़ी की सीबीआइ जांच कराने की मांग को लेकर छात्र पिछले छह दिनों से दिल्ली की सीजीओ कांप्लेक्स में धरना दे रहे हैं। बतातें चलें कि बीते रविवार को अन्ना हजारे भी धरना स्थल पर पहुंचकर विद्यार्थियों को संबोधित कर चुके हैं। इससे मामला तूल पकड़ने लगा है। पहले भाजपा नेताओं ने इस आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब आंदोलन तेज होने लगा तो उन्हें सियासी नुकसान का डर सताने लगा। इसलिए विद्यार्थियों को मनाने और आंदोलन खत्म कराने के लिए उनकी सक्रियता बढ़ गई है।

इसी क्रम में दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने पहुंचे, लेकिन अभी तक नतीजा सिफर ही रहा । गृहमंत्री ने विद्यार्थियों की मांग को मानते हुए सीबीआइ जांच की संस्तुति कर दी है, इसलिए भाजपा सांसद उन्हें धन्यवाद करने गए थे। नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करने के बाद दावा किया कि मांगें मानने के बाद छात्रों ने आंदोलन खत्म कर दिया है, लेकिन बाहरी तत्व छात्रों को गुमराह कर रहे हैं।

भाजपा के अन्य नेताओं का भी कहना है कि आंदोलनकारी छात्र धरना समाप्त कर चुके हैं, अब कुछ लोग इसे सियासी रंग दे रहे हैं। वहीं स्वराज इंडिया का कहना है कि छात्रों ने एसएससी आंदोलन को तोड़ने की साजिश को नाकाम कर दिया है। दिल्ली भाजपा का तिकड़म फेल हो गया है, उल्टे कई शहरों से विद्यार्थी धरनास्थल पर पहुंचने लगे हैं।

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