100 मिसाइलों से दहला दमिश्क

 

ट्रंप ने दिया सीरिया के रासायनिक ठिकानों पर सैन्य हमले का आदेश

ब्रिटेन की सेनाओं को सीरिया पर हमले का आदेश: थेरेसा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हवाई हमलों की घोषणा करने के बाद सीरिया की राजधानी आज सुबह तेज विस्फोटों से दहल उठी और आसमान में घना धुआं छा गया। ट्रंप ने हमले का आदेश सीरिया में हुए कथित रासायनिक हमलों में करीब 40 लोगों की मौत के बाद दी थी। सीरिया की वायु रक्षा सेवा ने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के इन संयुक्त हमलों का जवाब भी दिया। पूर्वी दमिश्क से धुआं निकलता देखा और जहां आसमान में धुएं का गुबार छा गया। सीरियाई सरकारी टेलीविजन ने दिखाया कि वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र पर हमला हुआ और सीरिया के वायु रक्षा ने दक्षिणी दमिश्क की ओर आ रहे 13 रॉकेटों को हवा में ही नाकाम कर दिया। हमले के बाद सीरिया के राष्ट्रपति ने ट्वीट किया , ” अच्छे लोगों को अपमानित नहीं किया जाएगा।

ट्रंप ने शुक्रवार रात अपने तीन सहयोगियों के साथ मिलकर सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद को कथित रासायनिक हमले के लिए दंडित करने और उन्हें ऐसा दोबारा करने से रोकने के लिए सैन्य हमले करने की घोषणा की थी। सीरिया सरकार लगातार प्रतिबंधित हथियार  के इस्तेमाल की बात नकार रही है। अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस का कहना है कि प्रारंभिक हवाई हमलों में अमेरिकी हार की कोई रिपोर्ट नहीं है।

उन्होंने आगे और हमले करने की संभावना को खारिज किए बिना कहा , ” फिलहाल यह एकमात्र हमला है। मैटिस ने कहा कि रासायनिक हथियार बनाने में असद के मददगार विभिन्न स्थलों पर हमला किया गया है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमले के प्रभावों का आकलन किया जाना अभी बाकी है।   ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने कहा हमले न ही ” गृहयुद्ध में हस्तक्षेप  और न ही ” शासन में बदलाव  के लिए हैं … लेकिन सीमित और लक्षित हमले हैं जो ” क्षेत्र में और तनाव उत्पन्न नहीं करेंगे  और नागरिकों को हताहत होने से बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया हमले को लेकर रूस को घेरा है। ट्रंप ने कहा, ‘सीरिया पर हुआ हमला असद के रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को रोकने की रूस की विफलता का प्रत्यक्ष परिणाम है।’ ट्रंप ने कहा है कि सीरिया पर अमेरिकी हमलों की ब्रिटिश, फ्रांसीसी सहयोगियों के साथ मिलकर शुरू की गई प्रक्रिया अब भी चल रही है।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने 7 अप्रैल को सीरिया में संदिग्ध जहरीली गैस के रासायनिक हमलों में मारे गये 60 लोगों की मौत का बदला लेने के लिए सीरिया पर हमले का आदेश दिया है। ट्रंप ने व्हाइट हाऊस से टीवी संबोधन में कहा, ‘कुछ देर पहले मैंने अमेरिका की सेनाओं को सीरिया के तानाशाह बशर अल-असद के रसायनिक हथियारों के ठिकानों पर हमले करने का आदेश दिया है।’
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने आज कहा कि उन्होंने ब्रिटेन की सेनाओं को सीरिया के रासासनिक हथियारों के ठिकानों को नष्ट करने के लिए हमले करने का आदेश दिया है।

मे ने अपने बयान में कहा, ‘यह गृह युद्ध में हस्तक्षेप नहीं है। यह शासन में परिवर्तन के लिए भी नहीं है।’
उन्होंने कहा, ‘इन लक्षित और सीमित हमलों से क्षेत्र में तनाव नहीं बढ़ेगा और आम नागरिकों को हमलों से बचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।’  ब्रिटेन अमेरिका और फ्रांस के साथ मिलकर सीरिया पर इन लक्षित हमलों को अंजाम देगा।

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने आज सीरिया की राजधानी दमिश्क पर आज कम से कम छह धमाकों को अंजाम दिया गया जिससे राजधानी दहल गयी।
सीरिया के सरकारी टीवी ने कहा वायु सेना अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के हमलों का मुकाबला कर रही है। प्रत्यक्षदर्शी रायटर को कहा कि दमिश्क में कम से कम छह जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी जिससे राजधानी दहल गयी। धमाकों के बाद कई जगह पर गहरा काला धुआं भी उठता देखा गया।  एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने कहा दमिश्क के बरजाह जिले में हमले हुए है। सीरिया के बड़े वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र बरजाह में ही स्थित हैं।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *