ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल (100 पर सेंट) यानि 80 परसेंट लेंगे होमगार्ड मंत्री, 20 परसेंट में निपटेंगे अफसर

अनिल राजभर की ना – ना लेकिन अफसरों ने तय कर लिया रेट, लखनऊ कमांडेंट की कुर्सी का रेट 10 लाख से शुरू

लखनऊ,कानपुर,वाराणसी,गाजीयाबाद की मलाईदार कुर्सी के लिये कमांडेंटों ने भर ली अटैची

होमगार्ड  मंत्री  के करीबी, डीआईजी के गोमतीनगर आवास पर तय कर रहा है ट्रांसफर दलाली का रेट

ट्रांसफर के लिये बनाये गये कमांडेंट ने अपने-अपने रखे वसूली मैन

पहले आओ,पहले पाओ की तर्ज पर होमगाड्र्स विभाग में तय कर उड़ाई जायेगी तबादला नीति की धज्जियां

संजय श्रीवास्तव

लखनऊ।

यूपी में इस समय ट्रांसफर-पोस्टिंग का गेम आईपीएल की तरह तेज रफ्तार से खेला जा रहा है। अफसरों को मालूम है कि 30 मई अंतिम तारीख है,इस दरम्यान ताबड़तोड़ ट्रांसफर कर जितना माल कमाना है कमा लो। हास्यापद स्थिति तो ये है कि अफसरों ने खुला फरमान जारी कर दिया है कि 80 परसेंट मंत्री जी को जायेगा और 20 परसेंट का माल हमलोग बांट लेंगे। भई,ये तो भाजपा की सरकार है। यहां ईमानदारी का चादर ओढक़र बेईमानी का धंधा मंत्री और अफसर मिलकर खेल रहे हैं। चर्चा जोरों पर है,खबर फर्जी नहीं पुख्ता है,ट्रांसफर के नाम पर हो रही दलाली का खेल होमगार्ड विभाग में बेखौफ होकर अफसर खेल रहे हैं। कोई ऊंगली ना उठाये इसलिये डीजी ने ट्रांसफर पॉलिसी की टीम बना दी है। इसी परिपेक्ष्य में उन्होंने आज मुख्यालय में सभी कमांडेंट्स की बैठक भी की गयी लेकिन उन्होंने कभी ये नहीं सोचा होगा कि मुख्यालय के शातिर अफसर उनसे दस गुना आगे की सोच कर चलते हैं। जिन अफसरों पर ईमानदारी से ट्रांसफर करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है , उनलोगों ने विभागीय कर्मचारियों को वसूली मैन के रूप में लगा दिया है। कर्मचारी तय-तोड़ कर माल अफसरों तक पहुंचा रहे हैं। यानि, वे रेट तय कर अफसरों के पास रकम पहुंचायेंगे। कमांडेंट,इंस्पेक्टर,बीओ एवं क्लर्क संवर्ग के कर्मचारियों का रेट खुलेआम चल रहा है। खास बात यह है कि विभाग में तैनात एक डीआईजी के गोमतीनगर स्थित आलीशान आवास से पूरी डील हो रही है। इसमें होमगार्ड मंत्री अनिल राजभर का एक खास व्यक्ति,जो (मधुबन विधान सभा मऊ से नगर निकाय चुनाव का टिकट चाहता था लेकिन नहीं मिला) भी शामिल है। अफसरों ने बताया कि वसूली की 80 परसेंट रकम माननीय को जायेगा और 20 परसेंट में बंदरबांट होगा। अब हम क्या कहें,योगी राज या राम राज्य…


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 20 मार्च से 30 मई तकअफसरों एवं कर्मचारियों के लिये तबादला करने का फरमान जारी किया है। सभी विभागों में तय मानक के आधार पर तबादले की सूची बनायी जा रही है। हालांकि, सभी जगह अफसरों ने मानक की आड़ में थोड़ी बहुत कमाई शुरू कर दी हैं लेकिन होमगार्ड विभाग के अफसरों ने तबादला नीति को मजाक बना दिया है। कमांडेंट, इंस्पेक्टर, ब्लॉक आर्गनाइजर, क्लर्क संवर्ग के कर्मचारियों का रेट खुलेआम चल रहा है। खास बात यह है कि विभाग में तैनात एक डीआईजी के गोमतीनगर स्थित आलीशान आवास से पूरी डील की जा रही है। इसमें होमगार्ड मंत्री के एक खास लटक,जो मऊ मधुबन विधान सभा में नगर निकाय से टिकट मांग रहा था लेकिन पार्टी ने उसे खारिज कर दिया था। खूब चल रही है।

बता दें कि कमांडेंट के तबादले के लिये पूरा ब्यौरा लेने की जिम्मेदारी ललितपुर के कमांडेंट अजय प्रताप सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इसी तरह, इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी गाजियाबाद के कमांडेंट गिरिराज सिंह को सौंपी गयी है। गिरिराज ने मुख्यालय पर तैनात इंस्पेक्टर श्रीओम तिवारी को अपना वसूली मैन बनाया है। बीओ एवं हवलदार प्रशिक्षकों के तबादले की जिम्मेदारी मुरादाबाद के कमांडेंट अरूण सिंह को सौंपी गयी है। अरूण सिंह होमगार्ड मंत्री के मऊ के खास लटक के रिश्तेदार हैं,इसलिये खूब खूलकर बैटिंग कर रहे हैं। बावजूद इसके कमांडेंट ने मुख्यालय पर तैनात राधेश मिश्रा को सेटिंग करने के लिये मुश्तैद किया है। वहीं,क्लर्को के तबादले के लिये मुख्यालय पर तैनात स्टॉफ अफसर राजेन्द्र सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इन्होंने वसूली मैन के तौर पर कनिष्ठ लिपिक संजय कुमार सिंह को लगा रखा है।

सूबे में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कमांडेंट की कुर्सी खासकर लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, इलाहाबाद के लिये बड़ी बोली लगायी गयी है जिसमें नंबर वन पर लखनऊ का 10 लाख रुपये है। अभी शुरूआत है मई आते-आते रेट में बढोत्तरी हो जायेगी क्योंकि लखनऊ में प्रतिमाह की कमाई लगभग 15 से 16 लाख रुपए है। कानपुर,वाराणसी और इलाहाबाद में उन्नीस-बीस का फर्क है। इसी तरह,इंस्पेक्टर के तबादले में 50-60 हजार रुपए,बीओ एवं हवलदार प्रशिक्षक के लिये 35-40 हजार रुपए एवं क्लर्क संवर्ग में 25-30 हजार रुपए का रेट खुल चुका है। ये घटेगा तो नहीं लेकिन बढऩे की गारंटी बतायी जा रही है। चौंकाने वाली बात ये है कि किसी को भनक ना लगे इसलिये मुख्यालय के अफसरों ने बाकायदा ट्रांसफर पालिसी की टीम बना दी है। इनमें कई ऐसे हैं जिनकी संपत्ति की जांच करा ली जाये तो करोड़पति निकलेंगे। अब साहेब,आप ही तय करें कि ये लोग ईमानदार हैं या…। यहां तक तो बात ठीक लगती है लेकिन बताया जाता है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग से जितना माल आयेगा उसका 80 परसेंट मंत्री जी को जायेगा…। अब मंत्री जी को इस बात की जानकारी है या नहीं,मुझे नहीं मालूम,लेकिन उनके नाम का जमकर दुरूपयोग कर अफसर ट्रांसफर-पोस्टिंग में लखपती बनने का सपना देख रहे हैं।

                                             भईया,हम तो कुछ भी नहीं बोलेंगे क्योंकि ये योगी राज है…

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *