उन्नाव रेपकांड: हाईकोर्ट की फटकार पर दर्ज हुआ मां-बेटी का बयान

 

सुरक्षा के लिए पीड़िता के चाचा को मिला गनर

सुरक्षा के लिए पीड़िता के चाचा को मिला गनर

सिंचाई डाक बंगले में तीन घंटे की पूछताछ

उन्नाव

उन्नाव रेपकांड में सीबीआई ने सिविल जज उत्तरी की अदालत में शुक्रवार को पीड़िता और उसकी मां का कलमबंद बयान दर्ज किया। इसके बाद उसके अवलोकन के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। सीबीआई के आईजी जीके गोस्वामी के नेतृत्व में पहुंची टीम ने पूरे दिन कोर्ट में रहकर कार्रवाई पूरी कराई।

आपको बता दें कि दो मई को सुनवाई को दौरान पीड़िता की मां ने अपने अधिवक्ता के जरिए हाईकोर्ट में बयान दर्ज न कराने की शिकायत की थी। हाईकोर्ट ने इसपर आपत्ति जताते हुए बयान दर्ज कराने के लिए सीबीआई को आदेश दिया था। शुक्रवार सुबह दो वाहनों से सीबीआई के एक दर्जन से अधिक सदस्य शहर कोतवाली क्षेत्र के सिविल लाइन मोहल्ला स्थित चौधरी चरण सिंह सिंचाई निरीक्षण भवन पहुंचे। सीबीआई पीड़िता व उसकी मां को कोर्ट ले गई और यहां सिविल जज उत्तरी रीतिका राजन के यहां बयान दर्ज कराने के लिए पेश किया।

पहले से चल रहे दुराचार और पीड़िता के पिता की हत्या के मामले में पीड़िता व उसकी मां के अलग-अलग बयान दर्ज किए गए। टीम ने 164 सीआरपीसी के शनिवार को सीबीआई कोर्ट से अनुमति लेने के बाद बयान का अवलोकन करेगी। टीम के सदस्यों ने चार नकल सवाल के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है। उधर, पुराने मामले (20 जून 2017) की भी सीबीआई ने फाइल खंगाली। सीबीआई को जानकारी हुई कि इस रेप केस में विधि विज्ञान प्रयोगशाला से स्लाइड रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। विधि विज्ञान प्रयोगशाला को पत्र लिखकर रिपोर्ट जल्द भेजने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट आते ही सीबीआई इस मामले में भी कार्रवाई तेज कर देगी।

पीड़िता के चाचा ने दावा किया कि भतीजी को औरैया से बरामद किया और बरामदगी उन्नाव के चकलवंशी से दिखाई गई थी। दस दिन हिरासत में रखा और 161 के बयान लिखकर याद करवाया और धमका कर बयान दर्ज करवा दिया था। पीड़िता के चाचा से सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर गनर दिलवाए जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। इस पर प्रशासन की ओर से शुक्रवार को एक गनर उपलब्ध कराया गया है। पीड़िता व उसके परिवार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निरीक्षण भवन में फोर्स व एलआईयू आदि को तैनात कर रखा है। हर दिन पीड़िता व उसके परिवार का मेडिकल परीक्षण भी किया जा रहा है।हाईकोर्ट से शिकंजा कसने के बाद सीबीआई यहीं रुककर जांच करना चाहती है। लखनऊ से उन्नाव तक रोज की दौड़ भाग से बचने के लिए सीबीआई टीम ने डीएम से यहीं रहने की अनुमति मांगी है।

टीम सदस्य शुक्रवार को डीएम रवि कुमार एनजी से भी मिलने पहुंचे। सीबीआई शहर में रुक मामले से संबंधित अन्य लोगों और जिला अस्पताल व जेल के डॉक्टर आदि से पूछताछ कर सकती है। जिला प्रशासन सीबीआई को ठहरने के लिए किसी गेस्ट हाउस में व्यवस्था करेगा।सीबीआई की दो टीमें यहां पहुंचीं तो लोग कयास लगाने लगे कि विधायक को लखनऊ जेल शिफ्ट किया जा सकता है। पूरे दिन सीबीआई सिंचाई डाक बंगले से लेकर कोर्ट के बीच ही रही। कुछ देर के लिए डीएम और फिर एडीएम के पास सीबीआई टीम गई थी। हाईकोर्ट ने सीबीआई को सात दिन का समय दिया है। इस अवधि में सीबीआई विधायक को कड़ी सुरक्षा के बीच किसी भी दिन लखनऊ ले जा सकती है। सीबीआई टीम शुक्रवार को सिंचाई डाक बंगले से लेकर कोर्ट तक चक्कर काटती रही। सुबह कोर्ट में पहुंचने के बाद कागजी कोरम पूरा किया और बयान दर्ज कराने के लिए अनुमति ली। कोर्ट से शाम को बयान दर्ज करने की अनुमति मिली।

सीबीआई टीम दिन में करीब तीन घंटे तक डाक बंगले में ही रुकी रही। उन्होंने पीड़िता और उसके घरवालों से तमाम बिन्दुओं पर बात की। सूत्रों की माने तो इस प्रकरण में सीबीआई ने पीड़िता और उसकी मां का बयान दर्ज किया। शाम साढ़े तीन बजे के बाद बयान दर्ज कराने के लिए सीबीआई पीड़िता और उसकी मां को लेकर कोर्ट पहुंची थी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद टीम शाम को लौटी।

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