अफगानिस्तान: सरकारी कर्मचारी समझ छह भारतीय इंजीनियर्स का तालिबान ने किया अपहरण, रिहाई की कोशिश जारी

एजेंसी, काबुल

अफगानिस्तान के बगलान प्रांत में एक भारतीय कंपनी के छह भारतीय इंजीनियरों और एक अफगान कर्मचारी का रविवार को कथित तौर पर तालिबान के बंदूकधारियों ने अपहरण कर लिया। इन लोगों को संभवत: सरकारी कर्मचारी समझ कर अपहृत किया गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी दी गई।

बगलान की घटना :
अगवा किए गए भारतीय इंजीनियर केईसी इंटरनेशनल लिमिटेड के कर्मी हैं। बुनियादी ढांचा निर्माण से जुड़ी केईसी अफगानिस्तान में कार्यरत सबसे बड़ी भारतीय कंपनियों में से एक है। यह अफगानिस्तान में बिजली आपूर्ति के लिए जिम्मेवार है। इसने हाल में अफगानिस्तान में 226 करोड़ रुपये का एक ठेका हासिल किया था।

‘टोलो न्यूज’ ने स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि यह घटना देश के उत्तरी भाग में स्थित बगलान प्रांत की राजधानी पुल-ए-खोमरे के बाग-ए-शमल गांव में हुई। इन लोगों का अपहरण उस समय हुआ, जब वे उस जगह जा रहे थे, जहां उनकी कंपनी ने एक बिजली उप-केंद्र बनाने का ठेका ले रखा है।

तालिबान का हाथ :
अपहरण की अभी तक किसी भी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है। अपहृत इंजीनियरों के बदले किसी भी तरह की फिरौती भी नहीं मांगी गई है। लेकिन बगलान के गवर्नर अब्दुलहई नेमाती ने बताया कि भारतीय कर्मियों का अपहरण तालिबान ने किया और उन्हें पुल-ए-खोमरे के दांड शाहबुद्दीन इलाके में ले गए।

रिहाई का प्रयास :
नेमाती के अनुसार, अफगान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों के जरिये तालिबान से बात की। आतंकी संगठन ने कहा कि इसने भारतीयों को सरकारी कर्मचारी समझ कर गलती से उनका अपहरण कर लिया। प्रांतीय गवर्नर ने कहा कि अपहृत लोगों को कबायली सरदारों और मध्यस्थता के जरिये रिहा कराने की कोशिश की जा रही है।

युद्ध प्रभावित देश में पूर्व में हुए अपहरणों के कई मामले में तालिबान का हाथ रहा है। साल 2016 में एक महिला भारतीय सहायता कर्मी का काबुल में अपहरण कर लिया गया था। वह 40 दिन बाद मुक्त कराई जा सकी थी।

विदेश मंत्रालय काबुल के संपर्क में 
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह अफगानिस्तान में भारतीय नागरिकों के अगवा किए जाने की खबर से अवगत है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने नई दिल्ली में कहा, हम अफगानिस्तान के बलगान प्रांत में भारतीय इंजीनियरों के अपहरण की वारदात से वाकिफ हैं। हम अफगान अधिकारियों के संपर्क में हैं और घटना के ब्योरे जुटाए जा रहे हैं।

काबुल स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने इस अपहरण की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे अफगानिस्तान में बड़ी बुनियादी परियोजनाओं पर फिलहाल 150 भारतीय इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया, हम अपहृत इंजीनियरों को मुक्त कराने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।

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