हिजबुल के सारे पोस्टर ब्वॉय खत्म, मुठभेड़ में कमांडर सद्दाम समेत पांच आतंकी ढेर श्रीनगर। एजेंसी

सद्दाम समेत तीन आतंकी ए प्लस प्लस श्रेणी के थे

29 महीने में बुरहान वानी गैंग के 11 आतंकियों का सफाया

श्रीनगर। एजेंसी

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के हाथों रविवार को आतंकी सद्दाम पैडर के मारे जाने के साथ ही हिजबुल के सारे पोस्टर ब्वॉय का खात्मा हो गया। इसके साथ ही शोपियां में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में चार और हिजबुल आतंकियों को मार गिराया है। इन आतंकियों में कश्मीर यूनिवर्सिटी का एक सहायक प्रोफेसर मोहम्मद रफी भट भी शामिल था। इस दौरान तीन जवान भी घायल हो गए। मुठभेड़ के दौरान स्थानीय लोगों ने पथराव भी किया। सुरक्षा बलों से झड़प में पांच नागरिकों की भी मौत हो गई।

मारा गया आतंकी सद्दाम हिजबुल का शीर्ष कमांडर था। सद्दाम हिजबुल के उन 11 पोस्टर ब्वॉय में शामिल था जो बुरहान वानी गैंग के थे। इन 11 आतंकियों की तस्वीर 2015 में वायरल हुई थी। एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों को जैनापोरा इलाके के बाडीगाम गांव में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों को समर्पण करने के लिए कहा गया लेकिन वे गोलीबारी करते रहे। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में पांच आतंकी मारे गए।

मारे गये अन्य आतंकियों की पहचान तौसीफ शेख, आदिल मलिक और बिलाल उर्फ मॉलवी के तौर पर हुई है। सभी दक्षिण कश्मीर के रहने वाले थे। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर दक्षिण कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रोक दी हैं।
मारे गए पांच आतंकियों में तीन आतंकी ए प्लस प्लस श्रेणी के थे। ए प्लस प्लस श्रेणी में सद्दाम पैडर, आदिल मलिक और तौसीफ शेख था। जबकि बिलाल उर्फ मॉलवी बी श्रेणी और प्रोफेसर भट सी श्रेणी के आतंकी थे। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार एवं गोलाबारूद बरामद किया गया है।

एक दिन पहले ही कश्मीर के छत्ताबल इलाके में सुरक्षा बलों ने गोलीबारी के दौरान तीन आतंकवादियों को मार गिराया था। इसके साथ ही सुरक्षाबलों ने 24 घंटे से भी कम समय में आठ आतंकियों को मार गिराया। 2015 में कश्मीर में हिजबुल के 11 आतंकियों की तस्वीर वायरल हुई थी। इसमें हिजबुल का पोस्टर ब्वॉय बुरहान वाली भी शामिल था। इनमें से ज्यादातर आतंकी दक्षिणी कश्मीर के रहने वाले थे। तस्वीर वायरल होने के बाद से ये आतंकी सुरक्षाबलों के निशाने पर थे। सुरक्षाबलों ने 11 में से 10 आतंकिया को 29 महीने में ही मार गिराया। जबकि इनमें से एक आतंकी ने आत्मसमर्पण कर दिया था।

-आदिल अहमद खांडे 
22 अक्टूबर 2015

-अफाकउल्ला भट 
27 अक्टूबर 2015  

-नसीर अहमद पंडित
7 अप्रैल 2016 

-वसीम मल्ला 
7 अप्रैल 2016  

-इशफाक हमीद 
8 मई 2016 

-तारिक पंडित
29 मई 2016 को आत्मसमर्पण किया
 
-बुरहान वानी      
8 जुलाई 2016

-सबजार भट 
26 मई 2017  

-वसीम अहमद शाह 
14 अक्तूबर 2017

-सद्दाम पैडर
6 मई 2018

इस साल 171 आतंकी मारे गए 
इस साल की बात करें तो लश्कर-ए-तैयबा के कई आतंकी मारे गए। 27 मई 2017 को बुरहान वानी का उत्तराधिकारी हिजबुल मुजाहिदीन का सबजार अहमद भट भी सेना के हाथों ढेर हुआ। इस कार्रवाई में छह प्रमुख आतंकी कमांडर सेना की कार्रवाई में मारे गए। वहीं लश्कर-ए-तैयबा का चीफ अबु दुजाना भी शामिल है।

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