होमपंचांग-पुराण हस्तरेखा: बहुत भाग्यशाली व्यक्ति के हाथों में विकसित होता है यह पर्वत

हर कोई ये जानना चाहता है कि उनके जीवन में आगे क्या होने वाला है। इसलिए लोग ज्योतिष का सहारा लेते है। हस्तरेखा ज्योतिष में हाथों की रेखाओं से भविष्य देखा जाता है। आपके जीवन में आगे क्या होगा, कितनी आयु होगी, कितने बच्चे होंगे यह सब रेखा हमारे हाथों में होती है। वहीं हथेली में मौजूद रेखाओं के साथ ही पर्वत भी मौजूद होते हैं। जिसे देखकर भी कई चीजों का पता चलता है।

हस्तरेखा ज्योतिष में मध्यमा अंगुली के नीचे शनि पर्वत का स्थान है। खास बात यह है कि शनि पर्वत बहुत भाग्यशाली मनुष्यों के हाथों में ही विकसित होता है। शनि ग्रह से प्रभावित मनुष्य का शारीरिक गठन को बहुत आसानी से पहचाना जा सकता है। ऐसे मनुष्य कद में असामान्य रूप में लम्बे होते हैं। उनका शरीर सुसंगठित होता है, लेकिन सिर पर बाल कम होते हैं। लम्बे चेहरे पर अविश्वास और संदेह से भरी उनकी गहरी और छोटी आंखें हमेशा उदास रहती हैं। बावजूद इसके उत्तोजना, क्रोध और घृणा को ये छिपा नहीं पाते।

पूर्ण विकसित शनि पर्वत वाला मनुष्य प्रबल भाग्यवान होता है। ऐसे मनुष्य जीवन में अपने प्रयत्‍नों से अधिक उन्नति प्राप्त करते हैं। शुभ शनि पर्वत प्रधान मनुष्य इंजीनियर, वैज्ञानिक, जादूगर, साहित्यकार, ज्योतिषी, कृषक एवं रसायन शास्त्री होते हैं। शुभ शनि पर्वत वाले स्त्री-पुरुष प्रायः अपने माता-पिता की इकलौती संतान होते हैं। उनके जीवन में प्रेम सर्वोपरि होता है। बुढापे तक प्रेम में उनकी रुचि रहती है। वे स्वभाव से संतोषी और कंजूस होते हैं।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य व सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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