ATS एएसपी राजेश साहनी का अंतिम संस्कार, बेटी श्रेया ने दी मुखाग्नि लखनऊ

सवाल उठते रहे कि आखिर ऐसा क्यों किया

लखनऊ

लखनऊ स्थित एटीएस ऑफिस में सर्विस पिस्टल से खुद को गोली मारकर ख़ुदकुशी करने वाले एएसपी राजेश साहनी का बुधवार सुबह को भैंसाकुंड वैकुंठ धाम पर अंतिम संस्कार किया गया। राजेश साहनी की इकलौती बेटी श्रेया ने उन्हें मुखाग्नि दी। पिता को अग्नि देते समय बेटी श्रेया बिलख पड़ी, जिसको देक वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई। पिता को अंतिम विदाई देते समय श्रेया ने उन्हें सैल्यूट किया। अंतिम संस्कार के दौरान राजेश साहनी का परिवार, रिश्तेदार और मित्रों के अलावा पुलिस विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद थे।

गौरतलब है कि राजेश साहनी के मंगलवार को अपने दफ्तर में गोली मार कर खुदखुशी कर ली थी। इस घटना ने राजेश साहनी के पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। उनके दोस्त, सहयोगी और रिश्तेदार को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि हमेशा मुस्कराते रहने वाला यह शख्स कभी ऐसा कदम भी उठा सकता है। कानून व्यवस्था के एडीजी आनंद कुमार ने बताया कि एक होनहार और जांबाज़ पुलिस अफसर ने आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या के कारणों की लखनऊ पुलिस गहनता से जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में बस यह पता चला है कि उन्होंने ड्राइवर से पिस्टल मंगाई और कार्यालय में ही खुद को गोली मार ली।

राजेश साहनी 1992 में पीपीएस सेवा में आए थे। 2013 में वह अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर प्रमोट हुए। एटीएस में रहते हुए राजेश साहनी ने कई ऑपरेशन को सफलता से अंजाम दिया है। इस दौरान उन्होंने कई आतंकियों को गिरफ्तार करने में सफल भूमिका निभाई है। राजेश साहनी एटीएस के तेज तर्रार अफसरों में से एक माने जाते थे।

सवाल उठते रहे कि आखिर ऐसा क्यों किया
हादसे के 24 घंटे बाद भी लोग बस यही जानना चाह रहे थे कि इतने मिलनसार राजेश साहनी ने आखिर किस तनाव में इतना बड़ा कदम उठा लिया। बैकुंठ धाम में भी पुलिस अधिकारियों व दोस्तों के बीच यही चर्चा रही। कोई कह रहा था कि छुट्टी पर होने के बावजूद उन्हें आफिस बुला लिया गया था, इसको लेकर वह तनाव में आ गये थे। कोई दूसरी वजह बता रहा था। यह तक कहा गया कि चार दिन पहले पिथौरागढ़ से उठाये गये आईएसआई एजेन्ट रमेश सिंह की गिरफ्तारी और उसके कोर्ट में बयान कराने को लेकर एक अधिकारी से उनका मनमुटाव हो गया था। यह भी तनाव का एक कारण बताया जा रहा था।डीआईजी प्रवीण त्रिपाठी ने भी कहा कि परिवार के लोग जैसा चाहेंगे, वैसा ही आगे किया जायेगा। कारण अभी साफ नहीं हो पाया है। परिवार थोड़ा सामान्य हो जाये, तो इस बारे में उनसे बात की जायेगी।

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