जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क है कोई रिस्क ना लेना…

जिंदगी बेवफा है,कब दगा दे जाए किसी को नहीं मालूम

कर्जे से मुक्ति पाने का शार्टकट स्क्रीप्ट ने ली करन की जान

ब्यूरो

लखनऊ।

सभी के जिंदगी में ऊपर वाले ने स्क्रीप्ट तैयार कर रखा है। लेकिन,जब इंसान खुद अपनी जिंदगी का स्क्रीप्ट लिखने की जद्दोजहद करता है तो उसे जीत नहीं मौत मिलती है। कुछ इसी तरह की कहानी करन के साथ घटित हुई। कर्जे से बचने के लिए उसने जिस तरह की फर्जी कहानी गढ़ी,उसमें वो मात खा गया। ये बातें आलमबाग के सीओ संजीव सिन्हा ने बतायी। हालंाकि सभी अभियुक्त को गिरफ्तार किया जा चुका है लेकिन एक नौजवान मौत के आगोश में समा चुका है।


हाल ही में पारा निवासी करन गुप्ता को आलमबाग थाना के पीछे गोली मार दी गई। थाने के पीछे हुए वारदात से पुलिस महकमा में हड़कम्प मचा। एसएसपी दीपक कुमार के निर्देश पर एसपी ,पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा,सीओ संजीव सिन्हा को खुलासा की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने इंस्पेक्टर आलमबाग अरूण कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सर्विलांस टीम बनायी,फिर जो खुलासा हुआ चौंकाने वाला था। पता चला कि करन पर लगभग 20 लाख रूपए का कर्जा था। वह मोबाइल की दुकान चलाने के साथ-साथ बीसी भी खेलता था। रकम न मिलने पर कर्जदारों ने उस पर दबाव बनाना शुरू किया। इस पर करन ने एक गेम खेला। उसने अपने ऊपर गोली चलाने की कहानी रची। इस खेल में उसका साथ उसके साथी और नौकर कल्लू ने दिया।
सीओ,आलमबाग संजीव सिन्हा ने बताया कि मृतक करन ने कल्लू से कहा था कि उसके कंधे के पास गोली मारने के बाद भाग जाना। इस काम के लिए नौकर कल्लू ने उसे अभिषेक से मिलाया। अभिषेक ने बाजार खाला निवासी आशीष और अजय को इस खेल को अंजाम देने के लिए मिलवाया। आशीष ने फैजाबाद से 40 हजार रुपए में .32 बोर का पिस्टल खरीद कर लाया। उसके बाद आलमबाग थाने के पीछे वाली रोड पर करन को अजय ने गोली मारी। सीओ ने बताया कि प्लान था कि कंधे के बगल में गोली मारे लेकिन जल्दबाजी में उनलोगों ने सीने में गोली मार दी। गोली मारने से पहले ये लोग पारा इलाके में गए थे,वहां पर टेस्टिंग फायरिंग भी की थी।
श्री सिन्हा ने बताया कि मृतक की प्लानिंग थी कि गोली मारने के बाद नौकर कल्लू सीधे दुकान जाएगा, इस बीच वो अपने बड़े भाई को दुकान पर फोन करेगा कि किसी ने उसे गोली मार दी है। तुम भाई को लेकर तुरंत घटना स्थल पर आ जाना और मुझे हास्पिटल में भर्ती करा देना। इससे मेरी जान बच जाएगी और बकाएदार पर हत्या का मुकदमा दर्ज करा दूंगा। लेकिन किस्मत दगा दे गई। फिलहाल,सभी अभियुक्त जेल की सलाखों में हैं।

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