ये है बरेली का नीरव मोदी, लोगों के 200 करोड़ लेकर हुआ फरार

आठ धोखेबाजों ने मिलकर हड़पे 200 करोड़

दो गुने के झांसे के लालच में लाखों डूबे

शहर के डाक्टरों से लेकर कई अमीरों के लाखों डूबे

 

बरेली

रियल इस्टेट कारोबारी बनकर बरेली का नीरव मोदी लोगों को 200 करोड़ का चूना लगाकर फरार हो गया। रुपये न मिलने पर महीनों से लोग उसके ग्रीन पार्क के सामने बने आफिस के चक्कर काट रहे थे। शनिवार को वह आफिस में ताला डालकर भाग गया। उसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर लोगों ने एसएसपी आफिस से बारादरी थाने तक हंगामा और प्रदर्शन किया। थाना बारादरी में कंपनी के एमडी राजेश मौर्य समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और 200 करोड़ रुपये हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

बारादरी में सतीपुर इलाके की चंद्रगुप्तपुरम कालोनी के रहने वाले राजेश मौर्य ने ग्रीन पार्क के सामने अरमान हाईटस बिल्डिंग में गंगा ग्रुप आफ कंपनीज के नाम से आफिस खोला था। रियल इस्टेट कारोबार बताकर कंपनी ने लोगों के लाखों रुपये निवेश कराये। उन्हें डेढ़ साल में रुपये दो गुने करने का झांसा दिया। इसके अलावा हर महीने ब्याज देने की भी स्कीम चलाई। आरोपी राजेश मौर्य और उसके साथी एजेंट लोगों को डेढ़ साल और ढाई साल के निवेश की गई रकम की दोगुनी रकम के चेक काटकर देते थे। कई लोगों को उन्होंने प्लाट की भी रजिस्ट्री कराई। पिछले कई महीनों से कंपनी के चेक बाउंस हो रहे थे। लोग उनके आफिस में जाकर हंगामा कर रहे थे।

शुक्त्रवार को मैसर्स गंगा इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड का एमडी राजेश मौर्य और उसके साथी एजेंट आफिस में ताला डालकर फरार हो गये। इसके बाद लोगों ने आफिस में हंगामा किया। आरोपियों के मोबाइल नंबर भी बंद जा रहे हैं। लोगों ने सोमवार को एसएसपी आफिस में मामले की शिकायत कर प्रदर्शन किया। इसके बाद थाना बारादरी पहुंचे दर्जनों निवेशकों ने हंगामा किया। इंस्पेक्टर बारादरी ने बताया कि आरोपी राजेश मौर्य समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और रुपये हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।

पीलीभीत बाईपास पर चंद्रगुप्तपुरम कालोनी के रहने वाले गंगा इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के एमडी राजेश मौर्य, एजेंट अजय मौर्य, मनोज मौर्य, दिनेश मौर्य, सिविल लांइस में वसुंधरा होटल के पीछे रहने वाले विश्वनाथ मौर्य, कृष्णनाथ मौर्य, शिवनाथ मौर्य और संदीप सिंह के खिलाफ बारादरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

शांतिपुरम कालोनी के रहने वाले योगेंद्र सिंह, रोहिली टोला के संजीव गुप्ता, राजेश त्रिपाठी, राजीव गुप्ता, वैभव सनसिटी विस्तार के रहने वाले शोभित वाजपेयी, सुरेंद्र कुमार, सचिन सक्सेना, दिलीप कुमार, विजय मौर्या, नेतराम वर्मा, श्याम यादव, अनिल सिंह, आकाश सक्सेना, विजेंद्र पाल सिंह, ओमपाल सिंह, विशाल शर्मा समेत कई निवेशकों के लाखों रुपये कंपनी डकार गई। बारादरी थाने में ठगी के शिकार लोगों ने प्रदर्शन किया।गंगा ग्रुप आफ कंपनीज ने अमीर ग्राहकों को फांसने के लिये अपने सुपर एजेंटों को लग्जरी गाडि़यां दे रखीं थीं। ग्रुप में करीब चार लोगों के पास लग्जरी गाडि़यां थी। अन्य लोगों को बाइक दी गई थी। कंपनी भागने के बाद लोगों ने गाडि़यों पर पथराव और बवाल शुरू कर दिया। इसके बाद घबराये लोगों ने गाडि़यां बारादरी थाने में सरेंडर कर दीं।

शहर के नामचीन डाॠक्टर से लेकर प्रोफेसर और कई अमीरों के लाखों रुपये डूब गये हैं। उन्होंने चेक और आरटीजीएस के जरिये रुपये कंपनी के एकाउंट में ट्रांसफर किये थे। कंपनी भागने के बाद ऐसे सफेदपोश लोग मुंह भी नहीं खोल रहे हैं।आरोपी राजेश मौर्य अपने साथियों के साथ विदेश भाग सकता है। निवेशकों ने उसका पासपोर्ट निरस्त कराने की मांग की है। जिससे कि वह विदेश न जा पाये। घटना के बाद से ही आरोपी बरेली में नहीं है।गंगा ग्रुप आफ कंपनीज के एमडी राजेश मौर्य ने छह साल पहले रियल इस्टेट में हाथ पैर मारने शुरू किये थे। कमुआ मोड़ के पास बीसलपुर रोड पर उसने काफी लैंड बैंक बना रखा है। उसी में वह कालोनी काट रहा था। निवेशकों का रुपया वहीं कालोनी में लगाया जा रहा था। रुपये के बदले वह प्लाट की रजिस्ट्री करवा रहा था। इसके अलावा वह निवेशकों को अतिरिक्त ब्याज का तोहफा भी दे रहा था।

इन लुभावनी स्कीमों के झांसे में फंसे लोग

– डेढ़ साल में एक लाख के दो लाख, चेक एडवांस

– एक लाख रुपये जमा करने पर हर महीने छह हजार रुपये ब्याज

– दो से पांच और दस लाख देने पर प्लाट की रजिस्ट्री, ब्याज अतिरिक्त

– चेक भुगतान की तारीख आने से पहले खाते में रुपये ट्रांसफर

– चेक बाउंस होने पर कंपनी की ओर अतिरिक्त ब्याज

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