video महिला शिक्षक के खौफ से बच्चे ने स्कूल ना जाने के लिए मां के पकड़े पैर

नगरा में कोलम्बस इंटरनेशनल स्कूल की महिला शिक्षक बनी जल्लाद

पांच वर्ष के बच्चे के गाल पर ताबड़तोड़ जड़े तमाचे ,दहशत में है बच्चा

इस तरह के जल्लाद शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए : पीसी भारती

भौकाली स्कूल खोलने से पहले अच्छी सोच बनाए प्रबंधन

पिन्टू सिंह
बलिया, रसड़ा।

स्कूल में शिक्षक पैरेंटस की भूमिका में होते हैं। बच्चों को मां-बाप इस उम्मीद से भेजते हैं कि वे स्कूल जाने से लेकर आने तक सुरक्षित रहें और वहां से कुछ अच्छी चीजें सीख कर घर आए। ये तभी संभव है जब प्रबंधन की सोच करोड़पति बनने के बजाए बच्चों को शिक्षित कर देश का भविष्य संवारने की सोच हो, तभी संभव है जब सकारात्मक सोच के शिक्षकों की भर्ती हो। जहां ऐसा नहीं होता वहां शिक्षक मासूम नौनिहालों के साथ जल्लाद की तरह पेश आते हैं। शिक्षक अपनी कुंठा बच्चों पर निकालते हैं जिसकी वजह से बच्चों के मासूम सोच पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है। बलिया से कुछ किलो मीटर की दूरी पर नगरा में एक हाई फाई एंयरकंडीशनर इंग्लिश मीडियम स्कूल कोलम्बस इंटरनेशनल है। गांव में स्कूल की खूब चर्चा है लेकिन यहां घटिया प्रबंधन एवं कुंठित शिक्षकों का एक कारनामा सामने आया जिसे देखने और सुनने के बाद परिजन अपने बच्चों को प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाना ज्यादा पसंद करेंगे।


जनपद के नगरा थाना क्षेत्र के सिसवार कला गांव स्थित सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त हाई-फ ाई (भौकाली) एयरकंडीशनर कोलम्बस इंटरनेशनल स्कूल में मंगलवार को महिला शिक्षक पिटायी से पांच वर्ष का मासूम छात्र प्रज्जवल (एलकेजी) बुरी तरह घायल हो गया। छुट्टी के बाद मासूम छात्र प्रज्जवल रोता- बिलखता जब घर पहुंचा तो उसकी हालत देख परिजन हतप्रभ रह गए। आनन- फ ानन में परिवार के लोग अपने निजी कार से बच्चे को लेकर मऊ हास्पिटल पहुंचे। प्रज्जवल का वहां उपचार कराया गया। अगले दिन जब परिजन बच्चे को लेकर रसड़ा पहुंचे तो

द संडे व्यूज़ के संवाददाता पिन्टू सिंह से पूरी आपबीती सुनाई जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो गए।सीएचसी पर कार्यरत चिकित्सक पी सी भारती का ने बताया कि उनका पांच वर्षीय बेटा उज्जवल हाई फाई एयरकंडीशनर स्कूल मे पढ़ता है। मंगलवार को स्कूल में शिक्षिका ने छात्र की पिटाई कर दी। किसी बात को लेकर शिक्षिका ने बच्चे के गाल पर ताबड़तोड़ कई तमाचे जढ़े। बच्चा रोता बिलखता रहा लेकिन जल्लाद शिक्षिका पर इसका कोई असर नहीं दिखा। मासूम छात्र उज्जवल ने अपने मां-पिता को बताया कि अब वो स्कूल नहीं जाएगा। मां ने स्कूल न जाने की वजह पूछी तो उसके पांव के नीचे से जमीन खिसक गया। डरा- सहमा मासूम ने शिक्षिका द्रारा पिटाई की पूरी दास्तान बताई। द संडे व्यूज के संवाददाता पिन्टू सिंह से मासूम उज्जवल ने सबसे पहले कैमरे पर अपनी बात शेयर की।

वहीं, शिक्षिका द्रारा बच्चे की पिटाई की जनपद में चारो ओर निंदा हो रही है। प्रज्जवल कि मां डॉ. बीना का कहना है कि मासूम बच्चा कौन सी ऐसी गलती कर दिया था कि शिक्षिका मैडम का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। रिपोर्टर से डॉक्टर पी सी भारती व पत्नी डॉक्टर बिना ने कहा कि लोग हाईफ ाई एयरकंडीशनर विद्यालय खड़ा कर ले रहे हैं लेकिन छात्र कितने सुरक्षित है इस पर किसी का ध्यान नहीं एल जा रहा है। के जी मे ऐडिमिशन फि स एक वर्ष का 20 हजार रुपये देने के बाद भी बच्चे यहां सुरक्षित नहीं है । देश के भविष्य की जान हमेशा सासंत मे फं सी रहती है। बच्चों के सहारे शिक्षण संस्थान वाले लाखों रुपए कमाने के बाद भी इनकी सुरक्षा को ताख पर पर रख देते हंै। बच्चों की सलामती इसी मे है कि स्कूल प्रबंधन पैसा को तब्वजो देने के बजाय इनकी सुरक्षा पर ध्यान दें। पुलिस- प्रशासन भी समय- समय पर स्कूलों पर ध्यान दें तो निश्चित रुप से इस तरह की घटिया सोच रखने वाली शिक्षिका कि पिटाई रोकने में सफ ल हो सकते हैं। ै

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