क्या होमगार्ड विभाग की महिलाएं सम्मान की नहीं उत्पीडऩ की हकदार हैं!

सीएम कल करेंगे 20 पुरूष जवानों को सम्मानित,सूची में एक भी महिलाओं का नाम नहीं

प्रधानमंत्री की उम्मीदों को धराशाई कर रहे हैं डीजी सूर्य शुक्ला

योगी कल करेंगे होमगार्ड विभाग के नवनिर्मित केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन

संजय पुरबिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सरकार महिला सशक्तिकरण और महिलाओं को सम्मान देने की बड़ी-बड़ी बातें करती है लेकिन इसके अलट होमगार्ड विभाग के अफसर महिलाओं का उत्पीडऩ और पुरूषों से कमतर आंकने का खेल, खेल रहे हैं। सात अगस्त को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होमगार्ड विभाग के नवनिर्मित केन्द्रीय प्रशिक्षण संस्थान में सूबे के 20 स्वयं सेवकों एवं अवैतनिक अधिकारियों को सम्मानित करेंगे। इनमें एक भी महिलाएं शामिल नही हैं।  इस विभाग में ऐसी महिलाएं हैं जो अपनी ड्यूटी को बखूबी अंजाम देती चली आ रही हैं। इस विभाग में अभी तक भ्रष्टाचार के मामले में पुरूष अधिकारी एवं कर्मचारी ही शामिल रहे हैं उसके बाद भी ईमानदार महिलाओं की उपेक्षा क्यों ?

डीजी साहेब, ठीक है अब आपका सेवाकाल चंद दिनों ही बचा है लेकिन जाते-जाते ऐसा काम कर जाएं कि इस विभाग की कम से कम महिलाएं आपको सम्मान दे सकें। क्योंकि, आपके राज में इस विभाग की महिलाओं का सम्मान अफसर लूट रहे हैं औैर आप खामोश हैं! लेकिन, मंच पर सीएम के हाथों यदि एक भी महिला, जो सम्मान की हकदार है,सम्मानित करा देंगे तो अन्य महिलाओं का हौसला बुलंद होगा और शायद सरकार की सोच को भी पंख लग जाए।

सीनियर स्टाफ आफिसर सुनील कुमार ने 4 अगस्त को प्रदेश के सभी जिला कमांडेंट को पत्र जारी किया है जिसमें 20 स्वयं सेवकों एवं अवैतनिक अधिकारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित करने का निर्देश दिया है। लिखा है कि अच्छे टर्न आउट,अच्छी डयूटी,अच्छी वर्दी धारण करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें एक भी महिलाएं नही हैं जबकि इस विभाग में महिला होमगार्डों एवं अवैतनिक अधिकारियों की भी

टोली है। क्या माना जाए। इस विभाग में महिलाएं पुरूषों से हर मामले में कमतर हैं ? सिर्फ एक मामले की बात छोड़ दें तो सभी का दावा है कि इस विभाग की महिलाएं पुरूषों से डयूटी,वर्दी धारण एवं ईमानदारी में बेमिसाल हैं।इस विभाग के अधिसंख्य अधिकारी एवं कर्मचारियों अपने काम के बजाए कम भ्रष्टाचार के लिए ज्यादा जाने जाते हैं। वहीं महिलाएं इस विभाग का मान बढ़ाने का काम करती चली आ रही हैं लेकिन जब सम्मान की बात होती है तो वहां तथाकथित भ्रष्ट अफसरों के अंदर मर्दों (मूछों) वाली बातें जाग उठती है।

 

शर्मनाक है कि इस विभाग में डीजी डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला के कार्यकाल में एक अदना सा कमांडेंट एक महिला का उत्पीडऩ करता है और जब वो महिला कर्मचारी उनके पास फरियाद लेकर जाती है तो डीजी का जवाब होता है कि जाकर कमांडेंट से बात करो…। डीजी साहेब,आखिर आप कब महिलाओं का सम्मान करना सीखेंगे ? आखिर कब महिलाओं के सम्मान के लिए लड़ेंगे ?

अरे,आप तो विभाग के मुखिया है जब एक महिला उत्पीडऩ की बात आपके सामने रखने का दम रखती है तो आप उसी समय कमांडेंट को उसकी हैसियत याद दिलाते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं किए…। यदि ऐसा होता तो वाकई आपको सैल्यूट करने के लिए सैंकड़ों हाथ उठते लेकिन आपके कायराना बातों ने जहां उस महिला के हौसले पस्त कर दिए वहीं भ्रष्ट प्रमोटी कमांडेंट को अन्य महिलाओं का उत्पीडऩ करने का अधिकार दे दिया। ये मेरी नहीं बल्कि इस विभाग के उन सभी लोगों की भावनाएं हैं जिन्हें मैं कलम से ऊकेर कर आपके सामने रख रहा हूं। ये सोच कर की शायद आपका मन आपके दिल को झकझोरे और आप महिलाओं को सम्मान दें।

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